भारत ने अंतरिक्ष में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने ऐतिहासिक उड़ान भरी, जिसके बाद उनके परिवार की आँखों में खुशी के आँसू झलक उठे। यह उड़ान 1984 में राकेश शर्मा की अंतरिक्ष यात्रा के बाद भारत की ओर से एक बड़ी उपलब्धि है, जिन्होंने कहा था 'सारे जहाँ से अच्छा हिंदोस्तां हमारा'।