जातीय टकराव हिंदुस्तान की हकीकत है. कई गांवों में आज भी जाति की दरारें देखने को मिल जाती हैं. लेकिन क्या हाथरस में जातीय टकराव था? क्या सच में जाति की दीवारें हैं? गांववालों का कहना है कि ऐस कुछ नहीं है. लोगों का मानना है कि सुख-दुख में हर वक्त में ये लोग साथ रहते हैं. मंदिर में सभी समाज के लोग जा सकते हैं. देखें रिपोर्ट.