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'हमें कोई शौक नहीं है यहां बैठने का', बोले द‍िल्ली की सीमाओं पर बैठे क‍िसान

'हमें कोई शौक नहीं है यहां बैठने का', बोले द‍िल्ली की सीमाओं पर बैठे क‍िसान

तीन कृषि कानून की वापसी पर मोदी कैबिनेट से मंजूरी मिल गयी है. एक साल से जिन 3 कृषि कानूनों के खिलाफ किसान सड़कों पर हैं, उनकी वापसी पर कैबिनेट की मुहर लग चुकी है. संसद में भी इनकी वापसी का एजेंडा लिस्ट हो चुका है. मगर किसान अब भी घर वापसी के लिए तैयार नहीं हैं. 27 नवंबर को होने वाली बैठक में किसान आगे की रणनीति तय करेंगे. इत्तेफाक देखिए कि दो दिन बाद किसान आंदोलन का एक साल पूरा होगा और आज तीनों कृषि कानूनों की वापसी पर कैबिनेट की मुहर लगी है. इसके बावजूद दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे किसान वापस जाने को तैयार नहीं हैं. द‍िल्ली की सीमाओं पर बैठे क‍िसानों का कहना है कि 'हमें कोई शौक नहीं है यहां बैठने का'. देखें और क्या बोले किसान.

The Union cabinet took up the farm law repeal bill today and will be tabled in the winter session of Parliament. Meanwhile, the farmers' unions are awaiting the government's response on MSP. The farmers are still not ready to end the protest and return home. They say that we have no interest in sitting here and protesting daily. Watch this video.

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