संसद में बोलने न देने के राहुल गाँधी के आरोप पर बहस हुई। प्रोफेसर विशाल मिश्रा ने आंकड़े प्रस्तुत किए. उन्होंने बताया कि जुलाई 2024 में 100 मिनट, 2023 में अविश्वास प्रस्ताव पर 37 मिनट और 9 फरवरी 2025 को लगभग 42 मिनट बोले. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर माइक बंद था तो कौन बोल रहा था.