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Agnipath Scheme: आग लगाओगे.... 'अग्निवीर' नहीं बन पाओगे! देखें क्या कहते हैं सेना प्रमुख

Agnipath Scheme: आग लगाओगे.... 'अग्निवीर' नहीं बन पाओगे! देखें क्या कहते हैं सेना प्रमुख

रविवार को हुई तीनों सेनाओं की एक साझा प्रेंस कॉन्फ्रेंस में एक बात साफ हो गई कि अग्निवीर सेना की जरूरत हैं. आने वाले भविष्य में सेना में जोश की कमी हो जाएगी क्योंकि सेना में मौजूद लोगों की उम्र का औसत करीब 32 साल है. ऐसे सेना पिछले 30 सालों से चाहती थी कि ये औसत उम्र घटकर 26 साल पर आ जाए. अग्निपथ स्कीम इसी की खास पहल है. अग्निपथ स्कीम के लॉन्च होने के साथ ही युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा था. विरोध प्रदर्शनों के बाद इस स्कीम से जुड़ी नई-नई बातें हर दिन सामने आती रहीं हैं. इसलिए आज इस मुद्दे पर सरकार और सेना की ओर से फाइनल कॉमेंट आना था. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अग्निपथ योजना को लेकर एक खास समीक्षा बैठक की थी, इस बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुख और सेना कुछ वरिष्ठ कमांडर्स शामिल थे. सेना में जोशीले नौजवान सैनिकों की कमी एक बड़ी चिंता थी, जिसका समाधान कुछ इस तरह से निकाला गया है. अब सवाल ये है कि चार साल की सेवा देने के बाद अग्निवीर क्या करेंगे. इस सवाल का क्या जवाब दिया गया है, और युवाओं के भविष्य की योजनाओं से जुड़े सवालों के जवाब क्या थे, देखें ये रिपोर्ट.

In a joint press conference of the three armies on 'Agnipath Scheme' held on Sunday, one thing became clear that 'Agniveer' is needed in the army. With the launch of the Agnipath scheme, the anger of the youth erupted in different states. After the protests, new things related to this scheme have been coming to the fore every day. That is why today the final comment was to come from the government and the army on this issue. The lack of passionate young soldiers in the army was a major concern, which has been resolved in this way. Now the question is what will Agniveer do after serving for four years? This has been made clear by the army chiefs. Watch this video.

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