नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. यह मुलाकात उनके नियुक्ति के एक दिन बाद हुई, जब केंद्र सरकार ने नीति आयोग के पुनर्गठन के तहत उन्हें उपाध्यक्ष बनाया था. इसके साथ ही वैज्ञानिक गोबर्धन दास को भी नीति आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है.
प्रधानमंत्री नीति आयोग के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने अशोक लाहिड़ी को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनका अर्थशास्त्र और लोक नीति का समृद्ध अनुभव भारत के सुधारों की दिशा को और मजबूत करेगा. उन्होंने विश्वास जताया कि लाहिड़ी के प्रयास भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में नई ऊर्जा देंगे.
15वें वित्त आयोग के सदस्य भी रहे हैं अशोक लाहिड़ी
अशोक लाहिड़ी वर्तमान में पश्चिम बंगाल से भाजपा विधायक हैं. वे भारत सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं और 15वें वित्त आयोग के सदस्य भी रहे हैं. चार दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने एशियाई विकास बैंक, विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसी संस्थाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. वे दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं.
इस बीच, नीति आयोग के सदस्य बनाए गए गोबर्धन दास ने इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि वे पश्चिम बंगाल के एक दूरदराज गांव के साधारण किसान परिवार से आते हैं. उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि उन लाखों आम लोगों के सपनों का प्रतिनिधित्व है जो संघर्ष के बीच आगे बढ़ना चाहते हैं.
गोबर्धन दास ने कहा कि देश के विकास के लिए दूरस्थ क्षेत्रों, किसान समुदाय और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार जरूरी है. उन्होंने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पूरी ईमानदारी, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ काम करने का संकल्प लिया.
PM मोदी ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री ने कहा कि नीति आयोग भारत की नीति निर्माण व्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है. यह सहकारी संघवाद, सुधारों और बेहतर जीवन व्यवस्था को बढ़ावा देने वाला एक गतिशील मंच है. उन्होंने अशोक कुमार लाहिड़ी, राजीव गौबा, के. वी. राजू, गोबर्धन दास, अभय करंदीकर और एम. श्रीनिवास को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं.
केंद्र सरकार के इस पुनर्गठन को नीति निर्माण में नए दृष्टिकोण, दीर्घकालिक रणनीति और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.