संसद के चालू बजट सत्र के दौरान सोमवार को शून्यकाल के दौरान सांसदों ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याएं उठाईं और लोकसभा में सरकार का ध्यान इस तरफ आकृष्ट कराते हुए समाधान की अपील की. सोमवार को उत्तर प्रदेश और केंद्र की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद ने हर घर नल से जल पहुंचाने की योजना पर सवाल उठाए और अपना दर्द बयान किया.
सलेमपुर संसदीय सीट से बीजेपी के सांसद रवींद्र कुशवाहा ने लोकसभा में अपना दर्द बयान करते हुए कहा कि मैं खुद दो बार से सांसद हूं. उन्होंने कहा कि मेरे पिताजी चार बार इस सदन के सदस्य रहे. रवींद्र कुशवाहा ने कहा कि मैं स्वयं दिशा का चेयरमैन भी हूं लेकिन इसके बावजूद अपने घर के सामने पिछले 20 साल से बनकर तैयार पानी टंकी को चालू नहीं करा पा रहा हूं.
उन्होंने कहा कि 20 साल से तैयार पानी टंकी मेरे घर के ठीक सामने है लेकिन इससे आज तक एक बूंद पानी की भी सप्लाई नहीं हो सकी है. बीजेपी सांसद ने कहा कि हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से पानी टंकी का निर्माण तो करा दिया जा रहा है, लेकिन इसका निर्माण कराने के बाद इसे संचालन के लिए नगर पंचायत, ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर दिया जाता है.
बीजेपी सांसद ने कहा कि ग्राम पंचायतों और नगर निकायों के पास इन पानी टंकियों को चलाने के लिए कुशल स्टाफ नहीं है. उन्होंने इस तरफ सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि पानी टंकी बनाने के बाद इनका संचालन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए नहीं तो प्रधानमंत्री की जो हर घर तक नल से जल पहुंचाने की सोच है, वह पूरी नहीं हो पाएगी.
गौरतलब है कि हर घर तक नल से जल पहुंचाने की योजना उन योजनाओं में गिनी जाती है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता सूची में ऊपर हैं. इस योजना को लेकर अब बीजेपी के ही सांसद ने सवाल उठा दिया है.