रेलवे लगातार यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने की कोशिश में लगा रहता है. इस साल के बजट में भी इस बाद का खास ख्याल रखा गया है. वंदे भारत की तेज गति और आराम वाले सफर से यात्रियों में एक अलग अनुभव महसूस हुआ. इसे देखते हुए अब रेलवे लंबी दूरी की वंदे भारत में स्लीपर वंदे भारत बनाने की तैयारी में है.
असल में वंदे भारत में चेयर कार की व्यवस्था है. ऐसे में रेलवे ने यात्रियों के रुझान को देखते हुए एक सर्वे किया जिसमें ये देखा गया कि लंबे रूट यानी 4 से 5 घंटे से ज्यादा के सफर में रेलवे यात्रियों को स्लीपर में ज्यादा आराम और सुविधा मिलेगी. रेलवे बोर्ड ने उन रूट पर सर्वे किया जहां यात्रियों की संख्या अधिक है और कमाई के हिसाब से भी वो रूट महत्वपूर्ण हैं. ऐसे में तेज गति में सफर करने का आनंद लेने वाले यात्री अब ज्यादा आराम से सफर कर पाएंगे.
रेलवे अभी फिलहाल ये तय करेगा कि आखिर लंबे रूट जैसे दिल्ली से कानपुर, वाराणसी से दिल्ली रूट पर अगर स्लीपर वंदे भारत चलाई जाती है तो उसे कितना फायदा होगा. हालांकि, अभी सर्वे में अभी ये भी देखा जाएगा कि रेलवे अगर कोच में बदलाव करता है और स्लीपर वंदे भारत शुरू करता है तो ऐसे में किराए भाड़े में बदलाव के साथ यात्रियों को अधिक सुविधा कैसे प्रदान की जाए.
रेलवे वंदे भारत के साथ शताब्दी में भी चेयर कार में बदलाव करने पर विचार कर रहा है, लेकिन इसके लिए उन रूट को फाइनल किया जाएगा. जहां पर यात्रियों की संख्या अधिक रहती है, पहले बदलाव की शुरुआत उन्ही रूट पर की जाएगी. रेलवे की मॉनिटरिंग कमेटी इस पूरे मामले पर रिपोर्ट भी तैयार कर रही है.