इन दिनों मेटा सीईओ मार्क जकरबर्ग और ट्विटर के सीईओ एलन मस्क के बीच होने वाली मिक्सड मार्शल आर्टिस्ट्स (एमएमए) फाइट चर्चा में है. यह केज फाइट अब तक की बहुप्रतीक्षित फाइट होगी. एमएमए का कहना है कि इस केज फाइट में जीत किसकी होगी, यह फाइटर की कद-काठी पर निर्भर नहीं करता.
जकरबर्ग की हाइट पांच फीट आठ इंच है जबकि मस्क छह फीट दो इंच के हैं. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की फाइट में फाइटर की कद-काठी और वजन का थोड़ा बहुत ही लाभ होता है.
कौन जीतेगा? क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
नॉकआउट फाइटक्लब के मालिक मनन दत्ता का कहना है कि इस तरह की फाइट में कद-काठी और वजन का महत्व होता है लेकिन इससे जीत सुनिश्चित नहीं होती. जीत फाइटर की ट्रेनिंग और उसके माइंडसेट पर निर्भर करती है. जकरबर्ग और मस्क दोनों ने अपनी ट्रेनिंग के वीडियो जारी किए हैं लेकिन अभी यह नहीं कहा जा सकता कि इस फाइट में कौन जीतेगा.
जकरबर्ग का वजन लगभग 75 किलोग्राम है जबकि मस्क का वजन 85 किलोग्राम से अधिक है. मार्शल आर्टिस्ट का कहना है कि मस्क की शख्सियत में जिस तरह की आक्रामकता है, उससे उन्हें जरूर कुछ फायदा हो सकता है.
मनन ने कहा कि मस्क की बॉडी लैंग्वेज और आक्रामक रुख बहुत कुछ कहता है. इससे फाइटर को जरूर फायदा होता है. हालांकि, जकरबर्ग और मस्क ने अपने जो भी ट्रेनिंग वीडियो जारी किए हैं, उनमें दोनों ही संतुलित नजर आ रहे हैं.
कैसे शुरू हुआ मामला?
इस पूरी लड़ाई की कहानी शुरू होती है P92 से. दरअसल मेटा एक नया प्लेटफॉर्म ला रहा है, जो ट्विटर का अल्टनेटिव होगा. इसका कोडनेम P92 है. मस्क ने ऐप्स की दुनिया में मेटा के दबदबे को लेकर चिंता जाहिर की थी. इस पर एक ट्विटर यूजर ने रिप्लाई किया कि मस्क को मार्क जकरबर्ग से सावधान रहना चाहिए. क्योंकि उन्हें जिउ जित्सू आता है.
इसके जवाब में मस्क ने कहा कि मैं केज फाइट के लिए तैयार हूं. अगर वो हां करें तो. इसके जवाब में मस्क ने फाइट के लिए लास वेगस ऑक्टेगन लोकेशन भी बता दी. इस तरह अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप (यूएफसी) के प्रेसिडेंट डाना व्हाइट ने मस्क और जकरबर्ग की केज फाइट को कंफर्म कर दिया.
बता दें कि एमएमए दुनिया में तेजी से बढ़ता कॉम्बैट स्पोर्ट है. केज फाइट या एमएमए फाइट में बॉक्सिंग, ब्राजीलियन जिउ जित्सू (बीजेजे), किक बॉक्सिंग, रेस्लिंग सभी तरह के मार्शल आर्ट शामिल होते हैं.