टोक्यो ओलंपिक 2020 में वेटलिफ्टिंग प्रतिस्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने के बाद देश की बेटी मीराबाई चनू ने सभी का धन्यवाद किया है. उन्होंने कहा कि यह एक सपने जैसा था जो सच हो गया.
चनू ने आगे कहा कि, ''मैं अपना मेडल अपने देश को समर्पित करना चाहूंगी और लोगों का शुक्रिया करना चाहूंगी कि मेरे इस सफर के दौरान उन्होंने मेरे लिए दुआएं कीं. चनू ने कहा कि मैं अपने परिवार को धन्यवाद कहना चाहूंगी विशेषतौर पर मेरी मां का जिन्होंने मेरे लिए काफी त्याग किया और मुझपर विश्वास किया.''
I am really happy on winning silver medal in for my country 🇮🇳
— Saikhom Mirabai Chanu (@mirabai_chanu)
चनू ने कहा मुझे सपोर्ट करने के लिए हमारी सरकार का भी विशेष शुक्रिया, खेल मंत्रालय, एसएआई, आईओए, वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, रेलवे,ओजीक्यू, स्पॉन्सर्स और मेरी मार्केटिंग एजेंसी के मेरे इस सफर में लगातार समर्थन के लिए धन्यवाद. मैं अपने कोच विजय शर्मा सर और स्टाफ को शुक्रिया कहना चाहूंगी. इन लोगों ने मुझे प्रेरित किया और ट्रेनिंग में मदद की. देश के सभी लोगों और वेटलिफ्टिंग बिरादरी का एक बार फिर बहुत शुक्रिया. जय हिंद.
क्या बोले मीराबाई के माता पिता
मीराबाई के पित कीर्ति सिंह ने कहा, मुझे बहुत खुशी है कि मेरी बेटी ने ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता है.यह सपना सच होने जैसा है. मेरी बेटी ने शुरू में बहुत सारी कठिनाइयों का सामना किया. वह बहुत मेहनती है. वह ट्रकों के ऊपर बैठकर प्रैक्टिस के लिए 35 किलोमीटर दूर खुमान लामपाक स्टेडियम जाया करती थी. मुझे अपनी बेटी पर गर्व है जिसने देश को खुश का लम्हा दिया है. मीरा की मां मेम्मा देवी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास था कि मेरी बेटी देश के लिए पदक जरूर लाएगी. शुरू में टीवी में देखा तो वह थोड़ा नर्वस लग रही थी लेकिन फिर उसने ऐसा प्रदर्शन किया कि उसे मेडल मिला.मेरी बेटी बहुत मेहनती है और मुझे गर्व है कि मैं उसकी मां हूं.
बता दें कि टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चनू ने जीत का परचम लहराया है. उन्होंने 49 किग्रा में रजत पदक हासिल किया है. उनकी इस कामयाबी को देशभर में सेलिब्रेट किया जा रहा है.