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मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचाने की COAI ने की निंदा, कहा- तोड़फोड़ करना ठीक नहीं

पंजाब में कई जगह प्रदर्शनकारियों ने मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचाया है. पिछले कुछ दिनों में पंजाब में मोबाइल टावर की पावर काटने, बिजली के तार काटने की कई घटनाएं सामने आई हैं.  

पंजाब में मोबाइल टावरों को पहुंचाया गया नुकसान (फाइल फोटो) पंजाब में मोबाइल टावरों को पहुंचाया गया नुकसान (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 1500 से ज्यादा मोबाइल टावरों को नुकसान
  • 'दूरसंचार सेवाओं को बाधित करना ठीक नहीं'
  • सीएम अमरिंदर सिंह भी कर चुके हैं निंदा

पंजाब में 1500 से ज्यादा मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचाया गया है. नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों और उनके सहयोगियों ने मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचाया है. वहीं, अब सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने इसकी कड़ी निंदा की है. COAI का कहना है कि हम विरोध के अधिकार का सम्मान करते हैं, लेकिन टेलीकॉम नेटवर्क के बुनियादी ढांचे में तोड़फोड़ करना ठीक नहीं है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं. 

सीओएआई के महानिदेशक एसपी कोचर के मुताबिक, हम किसी भी मुद्दे पर लोगों के विरोध के अधिकार का सम्मान करते हैं, लेकिन टेलीकॉम नेटवर्क के बुनियादी ढांचे में तोड़फोड़ करना और दूरसंचार सेवाओं को बाधित करना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि टेलीकॉम सेवाएं लाखों ग्राहकों की लाइफलाइन हैं, जिनमें ऑनलाइन कक्षाएं लेने वाले छात्र, घर से काम करने वाले पेशेवर, कोविड-19 के दौर में ऑनलाइन स्वास्थ्य परामर्श के लिए जाने वाले लोग शामिल हैं. 

एसपी कोचर ने कहा कि दूरसंचार सेवाओं में व्यवधान के कारण आम आदमी को काफी असुविधा हो रही है. लॉकडाउन और महामारी के दौरान, दूरसंचार क्षेत्र के योद्धाओं ने देशभर में डोरस्टेप डिलीवरी, बुनियादी ढांचे में वृद्धि और 24 घंटे सातों दिन कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए अथक प्रयास किया. 

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बता दें कि पंजाब में कई जगह प्रदर्शनकारियों ने मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचाया है. पिछले कुछ दिनों में पंजाब में मोबाइल टावर की पावर काटने, बिजली के तार काटने की घटनाएं सामने आई हैं. एक न्यूज एजेंसी के सूत्र के मुताबिक शनिवार तक 1411 मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचाया गया था. सोमवार को ये आंकड़ा 1500 से पार हो गया है. 

आंकड़े दिखाते हैं कि तीन दिन में क्षतिग्रस्त मोबाइल टावरों की संख्या दोगुनी हो गई. 25 दिसंबर को क्षतिग्रस्त टावरों की संख्या 700 थी, अब ये संख्या बढ़कर 1504 हो गई है. वहीं, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इस पूरे मामले पर बयान दिया. सीएम ने कहा कि पंजाब में अराजकता या किसी निजी या सार्वजनिक संपत्ति के विनाश को सहन नहीं किया जाएगा. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर रोक नहीं है, लेकिन संपत्ति के नुकसान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.


 

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