छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान की तुलना को लेकर देशभर में सियासी संग्राम छिड़ गया है. अब इस सियासी जंग में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री हो गई है. उन्होंने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है और इस विवाद को सावरकर से भी जोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि टीपू सुल्तान अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हुए थे. उन्हें आपके वीर की तरह अंग्रेजों के लव लेटर नहीं लिखे. ओवैसी ने महात्मा गांधी और एपीजे अब्दुल कलाम के हवाले से टीपू की वीरता और हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक होने पर जोर दिया.
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, 'टीपू सुल्तान ब्रिटिशों से लड़ते हुए शहीद हुए... टीपू ने ब्रिटिशों को प्रेम पत्र नहीं लिखे, जैसा कि वीर सावरकर ने किया, माफी मांगते हुए और वादा करते हुए कि आप जो कहेंगे, वह करेंगे. टीपू ने तलवार उठाई और अपने देश को ब्रिटिशों से आजाद कराने की लड़ाई में शहीद हो गए... अंग्रेजों को टीपू का इतना डर था कि डेढ़ घंटे तक उनकी लाश पड़ी रही, लेकिन अंग्रेजों की फौज डर रही थी कि कहीं अगर शेर (टीपू सुल्तान) उठ गया तो क्या होगा. जब काफी देर बाद उन्होंने जाकर देखा तो टीपू जिस्म गर्म था.
CM फडणवीस से पूछा सवाल
हैदराबाद के सांसद ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से सवाल करते हुए कहा कि क्या ये बात सच नहीं है फडणवीस साहब? के टीपू की मौत के बाद उनके पास से एक अंगूठी मिली थी, जिस पर राम लिखा हुआ था.
'एपीजे अब्दुल कमाल की ही बात मान लो'
उन्होंने बीजेपी से सवाल करते हुए कहा कि क्या ये झूठ है कि एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी किताब 'विंग्स ऑफ फायर' में लिखा है कि आज भारत के पास जो मिसाइल तकनीक और रॉकेट तकनीक है, वह टीपू के सपनों को पूरा कर रही है?... आप मानें है कि मैं खराब हूं और वह अच्छे हैं तो उनकी बात ही मान लो. आप तो कहते हैं कि हर मुसलमान को एपीजे कलाम जैसा होना चाहिए.
उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा, 'गांधी ने अपनी 'यंग इंडिया' पत्रिका में लिखा कि टीपू सुल्तान हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक हैं.'