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कोविशिल्ड वैक्सीन के बारे में बोले सीरम के CEO अदार पूनावाला- वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित

वैक्सीन के कारगर होने के सवाल पर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अदार पूनावाला ने कहा कि कोविशिल्ड वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है. कोविशिल्ड वैक्सीन 94 फीसदी तक प्रभावी रहा है.

SII के सीईओ अदार पूनावाला (फाइल) SII के सीईओ अदार पूनावाला (फाइल)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'भारत में क्लॉटिंग को लेकर कोई आंकड़ा नहीं'
  • 'कोविशिल्ड वैक्सीन 94 फीसदी तक प्रभावी रहा'
  • जून के बाद वैक्सीन के उत्पादन में तेजी आएगीः पूनावाला

कोरोना के लगातार बढ़ते मामले के बीच देश में टीकाकरण अभियान को और तेज किए जाने का बात चल रही है. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के प्रमुख अदार पूनावाला ने कहा इंडिया टुडे के साथ खास बातचीत में कहा कि कोविशिल्ड वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है. शुरुआत में सारे वैक्सीन के साथ संकट की स्थिति थी. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में मांग बढ़ने से वैक्सीन की कमी हो सकती है.

दुनिया के कई देशों में वैक्सीन देने के बाद क्लॉटिंग की खबर पर आजतक/इंडिया टुडे के साथ खास बातचीत में सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि ब्लड क्लॉटिंग के डेटा अगले हफ्ते आ सकते हैं. इस पर हमें देखना होगा कि क्या वैक्सीन की वजह से क्लॉटिंग हो रही है. उन्होंने कहा कि भारत में क्लॉटिंग को लेकर अभी कोई आंकड़ा नहीं है. लेकिन भारत में इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया. हालांकि इसके आंकड़ों पर नजर रखने की जरुरत है.

वैक्सीन के कारगर होने के सवाल पर अदार पूनावाला ने कहा कि कोविशिल्ड वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है. कोविशिल्ड वैक्सीन 94 फीसदी तक प्रभावी रहा है. पूनावाला ने कहा कि कोविशिल्ड वैक्सीन बुलेट प्रूफ माध्यम नहीं है. टीकाकरण महामारी को खत्म नहीं कर सकता. 

निजी बाजार के लिए हो वैक्सीन? 

कोरोना वैक्सीन के निजी बाजार में उपलब्ध कराई जाने के सवाल पर पूनावाला का मानना है कि वैक्सीन के खुदरा बिक्री पर लंबे समय तक रोक से देश में वैक्सीन निर्माताओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा, लेकिन यह महज विचार है. उन्होंने कहा कि मेरे दृष्टिकोण से, कॉर्पोरेट्स को बाजार में वैक्सीन खरीदने और बेचने की अनुमति दी जानी चाहिए लेकिन सरकार और गरीब व्यक्तियों के दृष्टिकोण से, शायद नहीं. सरकार को सभी की जरूरतों को संतुलित करना होगा. 

इंडिया टुडे के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल के साथ बातचीत में पूनावाला ने आगे कहा कि इसे (वैक्सीन) निजी क्षेत्र में नहीं खोलने से, हम कमजोर लोगों की रक्षा करते हैं. यह भारत के लिए अच्छा है, लेकिन वैक्सीन उद्योग के लिए इतना अच्छा नहीं है जो उम्मीद करता है कि वह आगे इसमें नया निवेश करे, उत्पादन में तेजी लाए और राजस्व अर्जित करे जबकि विदेशी कंपनियां ऐसा करती हैं. हालांकि, हम पहले भारतीयों की देखभाल करने के लिए वर्तमान मूल्य बिंदु पर सरकार के साथ काम कर रहे हैं. यह हमारी प्राथमिकता और जिम्मेदारी है.

हमारी प्राथमिकता पहले भारतीयः पूनावाला

उन्होंने कहा कि भारतीयों को कोरोना से रोकने की हमारी पहली प्राथमिकता है. देश में टीकाकरण के लिए आयु वर्ग के आधार पर प्राथमिकता दिया जाना सही है. सरकार को सभी के बारे में सोचना चाहिए. कोरोना वैक्सीन के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के सवाल पर अदार पूनावाला ने कहा कि हमने निर्यात पर कोई बैन नहीं लगाया है. हमारी प्राथमिकता पहले भारतीय नागरिक हैं.

कोरोना वैक्सीन के उत्पादन बढ़ाए जाने को लेकर पूनावाला ने कहा कि आने वाले समय में कोरोना वैक्सीन में कमी आ सकती है. हालांकि कुछ महीने के बाद हम वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने जा रहे हैं. जून के बाद वैक्सीन के उत्पादन में तेजी आएगी. जून के बाद हम 10 से 11 करोड़ वैक्सीन बनाने में सक्षम होंगे.


 

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