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विदेशों से MBBS करने वालों को स्क्रीनिंग टेस्ट में छूट से SC का इनकार, केंद्र को भेजा नोटिस

कोरोना संकट के बीच विदेशों में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों की अधूरी डिग्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी किया है.

सुप्रीम कोर्ट. (फाइल फोटो) सुप्रीम कोर्ट. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • केंद्र और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस
  • स्क्रीनिंग टेस्ट में छूट से SC का इनकार

कोरोना संकट के बीच विदेशों में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों की अधूरी डिग्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी किया है. वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि परीक्षाएं कराई जा रही हैं.

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर स्क्रीनिंग एग्जाम कराए जा रहे हैं तो फिर इन लोगों को परीक्षा में बैठना चाहिए. हम इन्हें परीक्षा में ना बैठने की छूट नहीं दे सकते हैं. दरअसल, याचिका में मांग की गई थी कि जिन छात्रों ने एमबीबीएस की पढ़ाई विदेश से की है और लॉकडाउन के चलते अपनी इंटर्नशिप नहीं कर पाए हैं उनको परीक्षा में बैठने से एक बार छूट दी जाए.

याचिका में कहा गया था कि देश में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप है. ऐसे में इन लोगों को इंटर्नशिप करने दी जाए ताकि ये लोग इस संकट भरी घड़ी में देश की सेवा कर सकें. इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम स्क्रीनिंग टेस्ट से इन लोगों को छूट नहीं दे सकते. हमने नहीं पता इन लोगों ने किस देश से पढ़ाई की है और क्या पढ़ाई की है.

जानकारी के मुताबिक ये याचिकाएं इंडियन फॉरेन मेडिकल स्टूडेंट्स वेलफेयर, एमसीआई, गुरुकुल ट्रस्ट के साथ-साथ एसोसिएशन ऑफ एमडी फिजिशियंस की ओर से दाखिल हुई हैं. इन सबकी ओर से दायर याचिका में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन यानी एनबीई की नियमावली 2002 के नियम 11 में राहत देने की गुहार सर्वोच्च न्यायालय से लगाई गई है.

 

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