धर्म परिवर्तन से जुड़े एक गंभीर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द करने की मांग वाली एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था, 'सिर्फ शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन नहीं किया जा सकता.'
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब फैसला खारिज ही हो चुका है तो अब आगे कुछ और करने की जरूरत ही नहीं है. दरअसल, यह फैसला इलाहाबाद हाई कोर्ट के एकल जज की पीठ ने दिया था. इस फैसले को दो जजों की पीठ ने पहले ही खारिज कर दिया है.
बता दें कि योगी सरकार के लव जिहाद से जुड़े धर्म परिवर्तन वाले अध्यादेश को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी. अध्यादेश को नैतिक व संवैधानिक रूप से अवैध बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की गई थी. याचिका में इस कानून के तहत उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग भी की गई थी.