राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह-सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले का कहना है कि आरएसएस बिना किसी राजनीतिक झुकाव के राष्ट्रहित में काम करता है. होसबाले ने कहा कि हम ना तो दक्षिणपंथी है और ना ही वामपंथी. हम राष्ट्रवादी हैं. संघ सिर्फ राष्ट्रहित में काम करता है.
उन्होंने जयपुर में बिड़ला ऑडिटोरियम में एकात्म मानवदर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत में रह रहे सभी लोग हिंदू हैं क्योंकि उनके पूर्वज हिंदू थे. उनके पूजा करने का तरीका भले ही अलग हो लेकिन सभी में एक ही डीएनए है. होसबाले ने कहा कि भारत सभी के प्रयासों के साथ ही विश्वगुरु बन सकता है.
उन्होंने कहा कि संघ सभी धर्मों और संप्रदायों को एक ही मानता है. लोग अपने संप्रदाय को बनाए रखते हुए संघ के काम कर सकते हैं. संघ रूढ़िवादी नहीं है. इसमें लचीलापन है.
उन्होंने संविधान के बारे में कहा कि अगर संविधान को लागू करने वाले बुरे लोग हैं तो अच्छा संविधान कुछ नहीं कर सकता. आरएसएस ने देश में लोकतंत्र की स्थापना में अहम भूमिका निभाई है, जिसका जिक्र विदेशी पत्रकारों ने भी अपने लेखों में किया है.
आरक्षण पर दिया था बड़ा बयान
आरक्षण को लेकर दत्तात्रेय होसबाले ने कहा था कि वह और उनका संगठन आरएसएस आरक्षण का 'पुरजोर समर्थक हैं. उन्होंने भारत के लिए आरक्षण को एक 'ऐतिहासिक जरूरत' बताते हुए कहा था कि जब तक समाज का एक खास वर्ग 'असमानता' का अनुभव करता है, तब तक आरक्षण जारी रखा जाना चाहिए.