भारतीय वायुसेना (IAF) का एक मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान आज बुधवार को राजस्थान के बाड़मेर में एक प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. फिलहाल पायलट सुरक्षित है. वायुसेना ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं.
भारतीय वायुसेना (IAF) ने ट्वीट कर हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि आज शाम करीब 5.30 बजे पश्चिमी क्षेत्र में एक प्रशिक्षण उड़ान के लिए भारतीय वायुसेना का मिग-21 बाइसन विमान उड़ान भरने के बाद तकनीकी खराबी का अनुभव हुआ. पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया. फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया गया है.
At around 1730 hrs today, an IAF MiG-21 Bison aircraft airborne for a training sortie in the western sector, experienced a technical malfunction after take off. The pilot ejected safely.
— Indian Air Force (@IAF_MCC)
A Court of Inquiry has been ordered to ascertain the cause.
ढाणी में आग लगने से लाखों का सामान खाक
वायुसेना का लड़ाकू विमान मिग-21 बुधवार को अचानक बाड़मेर जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर मातासर गांव में खेत क्रैश हो गया. इसके बाद खेत की ढाणी में आग लग गई. हादसा इतना खतरनाक था कि मलबा 2 किलोमीटर में फैल गया. कई जगह पर आग लग गई, लेकिन गनीमत यह रही कि जब हादसा हुआ उस वक्त उस ढाणी के अंदर कोई नहीं था. वहीं पायलट द्वारा 4 किलोमीटर दूर पैराशूट से सुरक्षित लैंडिंग किए जाने की खबर है.
बाड़मेर के जिला कलेक्टर लोकबंधु के अनुसार शाम 5:42 पर अचानक ही उत्तरलाई से लड़ाकू विमान खेत में क्रैश हो गया. जिसके बाद मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची. अभी तक की जानकारी के अनुसार मलबा 2 किलोमीटर में फैला है. वहीं गनीमत यह रही कि उस वक्त ढाणी में कोई नहीं था, हालांकि ढाणी बुरी तरह जलकर राख हो गई. बताया जा रहा है कि ढाणी में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया.
खेत के हीराराम मालिक के अनुसार शाम के समय में अचानक विमान खेत में गिर गया. मैं डर गया था. मेरी ढाणी जलकर राख हो गई. मलबा कई किलोमीटर दूर तक फैला है. मेरे लाखों रुपये का नुकसान हो गया. हादसे के बाद वायुसेना की कई टीमें मौके पर पहुंची है उन्होंने चारों तरफ से इलाके को घेर लिया है.
वायुसेना ने लड़ाकू विमान में ब्लैक बॉक्स को अपने कब्जे में कर दिया है. वहीं मलबे को इकट्ठा करने का काम भी शुरू कर दिया है. पायलट को इलाज के लिए वायुसेना की टीम अस्पताल के लिए ले गई है.
किसी जमाने में फाइटर जेट मिग-21 विमान भारतीय वायुसेना की रीढ़ माने जाते थे. लेकिन अब ये विमान न तो जंग के लिए और न ही उड़ान के लिए फिट हैं. हालांकि बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद मिग-21 बाइसन विमान ने ही पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के छक्के छुड़ाए थे. वायुसेना 1960 से मिग-21 विमानों का इस्तेमाल कर रही है.
मई में भी हुआ था क्रैश
इससे पहले मई महीने में भी फाइटर जेट मिग 21 क्रैश हो गया था. पंजाब के मोगा शहर में 20-21 मई की दरमियानी रात एक बजे के करीब फाइटर जेट मिग 21 क्रैश हो गया.
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ट्रेनिंग के चलते पायलट अभिनव ने राजस्थान के सूरतगढ़ से मिग 21 से उड़ान भरी थी, जिसके बाद ये विमान मोगा में क्रैश हो गया. हादसे के बाद विमान आग के शोलों में बदल गया. अगले दिन सुबह पायलट अभिनव चौधरी का शव बरामद कर लिया गया. पूरे हादसे की जांच के आदेश दिए गए थे.
मिग-21 क्रैश में IAF के फाइटर पायलट अभिनव चौधरी की मौत
— AajTak (@aajtak)
हादसे के बारे में भारतीय वायुसेना के अफसरों का कहना था कि मोगा के कस्बा बाघापुराना के गांव लंगियाना खुर्द के पास देर रात एक बजे फाइटर जेट मिग 21 क्रैश हो गया. काफी मशक्कत के बाद पायलट अभिनव का शव बरामद कर लिया गया है.