कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 8 जुलाई को मणिपुर जाएंगे. वे मणिपुर में कुकी, मैतेई विवाद के हिंसा पीड़ितों और कांग्रेस पार्टी के नेताओं से मुलाकात करेंगे. कांग्रेस सांसद राहत शिविरों में जाएंगे और पीसीसी नेताओं से मुलाकात भी करेंगे. लगभग एक साल से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी मणिपुर में कुकी, मैतेई के बीच विवाद में कुछ ज्यादा सुधार नहीं हुआ है. मणिपुर में 14 महीने से हिंसा जारी है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मणिपुर के थौबल से भारत जोड़ो न्याय यात्रा (पार्ट 2) की शुरुआत की थी.
मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में मणिपुर में पिछले साल हिंसा सुलग उठी थी. हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं.
मणिपुर मामले को लगातार उठा रही कांग्रेस
कांग्रेस मणिपुर के मामले को लेकर सरकार पर लगातार हमले कर रही है. संसद सत्र में भी पीएम मोदी के भाषण के दौरान विपक्ष मणिपुर का नाम लेकर नारेबाजी कर रहा था. राहुल गांधी भी सदन में मणिपुर के मुद्दे को उठा चुके हैं. मणिपुर की दोनों लोकसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है.
हाथरस भगदड़ के पीड़ितों से की थी मुलाकात
राहुल गांधी नेता विपक्ष बनने के बाद लगातार राज्यों के दौरे कर रहे हैं. हाल ही में वे हाथरस गए थे, जहां उन्होंने सत्संग में जान गंवाने वाले और घायलों के परिजनों से मुलाकात की थी. उन्होंने पिलखना गांव में पहुंचकर हाथरस भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवार वालों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी थी.
अहमदाबाद दौरे पर कांग्रेस नेता
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज गुजरात के अहमदाबाद के दौरे पर हैं. उन्होंने आज राजकोट गेमिंग जोन अग्निकांड के पीड़ितों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. अहमदाबाद से राहुल गांधी ने घोषणा की कि उनकी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराएगी और गुजरात के लोगों को एक विजन देगी.
पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनाव में वाराणसी के बजाय अयोध्या से चुनाव नहीं लड़ा, क्योंकि सर्वे करने वालों ने उन्हें बताया था कि वे हार जाएंगे और उनका राजनीतिक करियर खत्म हो जाएगा.
महात्मा गांधी को किया याद
अहमदाबाद में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस गुजरात जीतेगी और गुजरात से एक नई कांग्रेस पार्टी बनेगी. उन्होंने कहा, कांग्रेस कहां बनी थी? हमारे सबसे बड़े नेता जिन्होंने अंग्रेजों के समय हमें रास्ता दिखाया, वे महात्मा गांधी थे, जिन्होंने डरो मत, डराओ मत का नारा दिया और ये मुहीम गुजरात से शुरू हुई. अगर आज कांग्रेस पार्टी है, तो इसकी विचारधारा और सोच गुजरात से शुरू हुई है.
कांग्रेस के गुजरात मुख्यालय पर हमले का जिक्र
2 जुलाई की सुबह अहमदाबाद में कांग्रेस के राज्य मुख्यालय राजीव गांधी भवन पर हुए हमले के बारे में बोलते हुए राहुल ने कहा, 'यही वह जगह है जहां उन्होंने हमारा ऑफिस तोड़ दिया. मुझे लगा कि हम उन्हें (भाजपा को) सबक सिखाएंगे, उनकी सरकार को तोड़ने जा रहे हैं.' उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस में सबसे बड़ा अंतर यह है कि कांग्रेस में कोई नहीं डरता, जबकि भाजपा में हर कोई पीएम मोदी से डरता है.
राहुल ने कहा, 'मैं आपको यह बताने आया हूं कि उन्होंने आपके कार्यालय में आप पर हमला किया है, आपको डरने की जरूरत नहीं है. हम गुजरात में नरेंद्र मोदी और भाजपा को हराएंगे, जैसा कि हमने अयोध्या (2024 में लोकसभा चुनाव में) में किया था. हमारे कार्यकर्ता बब्बर शेर हैं, उन्हें हराएंगे. आपको एक काम करना है. गुजरात के लोगों को बताएं कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है और अगर आप बिना किसी डर के भाजपा से लड़ेंगे, चाहे वह किसान हो या मजदूर, भाजपा आपके सामने खड़ी नहीं हो पाएगी.'
हालांकि, गुजरात कांग्रेस की कमजोरियों को गिनाते हुए राहुल ने कहा कि उन्हें एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने बताया था कि दो तरह के घोड़े होते हैं- एक रेस के लिए और दूसरा शादी के लिए. 'मुझे बताया गया कि कभी-कभी कांग्रेस दोनों को बदल देती है. इसे बंद करवाएं. इसलिए हमें गुजरात में ऐसा करना होगा. जो दौड़ना चाहते हैं और दौड़ने के लिए तैयार हैं, हम उन्हें ऐसा करने देंगे.'