गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सस्ती कीमतों पर दवाएं उपलब्ध हों इसके लिए केंद्र सरकार ने साल 2015 में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना की शुरुआत की थी. सस्ती दरों पर जेनरिक दवाओं के लिए देश के कई हिस्सों में जन औषधि केंद्र भी खोले गए हैं. इस वक्त देशभर में 9 हजार से ज्यादा ऐसे केंद्र सक्रिय हैं. इन केंद्रों पर मिलने वाली दवाओं की कीमत 50 से 90 प्रतिशत तक कम होती है.
1759 दवाएं और 280 सर्जिकल प्रोडक्ट्स
भारतीय जनऔषधि केंद्र पर जेनरिक दवाओं को बेचा जाता है. इन केंद्रों पर 1759 दवाएं और 280 सर्जिकल प्रोडक्ट्स मिल सकेंगे. इनकी कीमत ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक कम होती है.केंद्रों पर एंटी-डायबिटिक, कार्डियोवास्कुलर ड्रग्स, एंटी-कैंसर, एनाल्जेसिक और एंटीपायरेटिक्स, एंटी एलर्जी, गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल एजेंट जैसी दवाएं मिलती हैं. इसके अलावा विटामिन, मिनरल्स, च्यवनप्राश और फूड सप्लीमेंट की भी सस्ती कीमतों पर बिक्री की जाती है. इन केंद्रों पर महिलाओं के लिए सेनेटरी नैपकिन भी उपलब्ध है. केंद्र सरकार के मुताबिक इस योजना से लोगों को बहुत फायदा हुआ है. सरकार ने देशभर के ज़रूरतमंदों के पिछले 8 साल में लगभग 20 हज़ार करोड़ रुपए बचाए हैं.
ऐसे ढुंढे अपने शहर में जनऔषधि केंद्र
अगर आप ये जानना चाहते हैं कि आपके शहर में किस जगह पर ऐसे जनऔषधि केंद्र हैं, जहां सस्ती कीमत पर दवाएं मिलती हैं तो http://janaushadhi.gov.in/ पर विजिट करें. यहां PMBJP सेक्शन पर क्लिक करें. इस दौरान कई सारे ऑप्शन खुलकर सामने आ जाएंगे. इन विकल्पों में से लोकेट केंद्र पर क्लिक करें. इसके बाद आपके सामने नया पेज खुलकर सामने आ जाएगा. यहां पर राज्य और जिला अंकित करें. आपके सामने शहर के सारे जनऔषधि केंद्रों की लिस्ट और उनका पता खुल कर सामने आ जाएगा.
जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए मिलती हैं वित्तीय सहायता
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा जनऔषधि केंद्र खोलने पर 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है. वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी क्षेत्रों, द्वीप क्षेत्रों तथा नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिलों के रूप में चिन्हित पिछड़े क्षेत्रों, महिला उद्यमी, पूर्व सैनिक, दिव्यांग जनों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति द्वारा जनऔषधि केंद्र खोलने पर 5 लाख रुपये के साथ-साथ अतिरिक्त राशि प्रदान की जाती है.