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उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत इन 5 राज्यों का जानिए चुनावी मूड, क्या कहता है सर्वे?

अगले साल की शुरुआत में 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और सभी सत्तारुढ़ पार्टियां जहां फिर से जीत की कोशिश में लगी हुई हैं तो विपक्ष में बैठे दल सत्ता तक पहुंचने की जुगत में लगे हुए हैं. चुनाव से पहले यह सर्वे क्या कहता है.

यूपी में योगी आदित्यनाथ क्या फिर से सीएम बनेंगे (फाइल-पीटीआई) यूपी में योगी आदित्यनाथ क्या फिर से सीएम बनेंगे (फाइल-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अगले साल की शुरुआत में 5 राज्यों में होंगे विधानसभा चुनाव
  • पंजाब में बीजेपी को भारी झटका, 0 से 1 सीटें मिलने की आस
  • 5 में से 3 राज्यों में सत्ता में बदलाव के कोई आसार नहींः सर्वे

उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत 5 राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिससे पहले ABP Cvoter Survey का सर्वे सामने आया है. सर्वे के हिसाब से जानिए, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में किस पार्टी की सरकार आती दिखाई दे रही है और कौन सी पार्टी ज्यादा सीटें जीतने जा रही है. 

पंजाबः क्या इस बार बदलेगी सत्ता

शुरुआत पंजाब से करते हैं. ABP Cvoter Survey के सर्वे के मुताबिक, 117 विधानसभा सीटों वाले पंजाब में इस बार किसी भी पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा. आम आदमी पार्टी (AAP) राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है. सर्वे के अनुसार AAP को 49 से 55 सीटें तो सत्तारुढ़ कांग्रेस को 39 से 47 सीटें मिलने के आसार हैं तो अकाली दल को 17 से 25 सीटें और बीजेपी को 0 से 1 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. जबकि अन्य के खाते में 0 से 1 सीटें जा सकती हैं.

क्या पंजाब के अगले मुख्यमंत्री के लिए चरणजीत सिंह चन्नी सही पसंद हैं ? इस सवाल पर 60 फीसदी लोगों ने हां में जवाब दिया तो 40 फीसदी लोगों का मानना है कि चन्नी सही पसंद नहीं हैं. सर्वे के अनुसार AAP को 36 फीसदी वोट तो कांग्रेस को 32 फीसदी वोट मिलने की संभावना जताई जा रही है.

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क्या होगा उत्तराखंड का? बीजेपी आएगी या जाएगी

अब बात उत्तराखंड की. साढ़े 4 साल में 3 बार मुख्यमंत्री बदलने वाली बीजेपी क्या इस बार भी सत्ता पर पकड़ बनाए रखने में कामयाब होगी.

सर्वे के मुताबिक राज्य में बीजेपी फिर से सत्ता में वापसी कर सकती है. सी-वोटर सर्वे में यह बात सामने आई है कि भारतीय जनता पार्टी को 42 से 46 सीटें मिल सकती हैं जबकि कांग्रेस को 21 से 25 सीटें मिलने के आसार हैं.

हालांकि राज्य में मजबूत दस्तक देने की कोशिश में जुटी आम आदमी पार्टी को कोई खास फायदा होता नहीं दिख रहा और उसे 0 से 4 सीटें तथा अन्य के खाते में अधिक से अधिक 2 सीटें जा सकती हैं. सर्वे के मुताबिक विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सबसे ज्यादा 45 फीसदी वोट तो कांग्रेस को 34 फीसदी और आम आदमी पार्टी को 15 फीसदी वोट मिलने के आसार हैं.

मणिपुर में किस पार्टी की बनेगी सरकार?

सर्वे के मुताबिक, मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को करीब 36 फीसदी वोट मिल सकते हैं, तो कांग्रेस के खाते में 34 फीसदी वोट आ सकते हैं. जबकि एनपीएफ को 9 फीसदी और अन्य के खाते में 21 फीसदी वोट जा सकते हैं. 

60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में इस बार त्रिशंकु विधानसभा के आसार बन दिख रहे हैं. सीटों के लिहाज से अगर देखें तो मणिपुर में बीजेपी को 21-25 सीटें तो कांग्रेस को 18 से 22 सीटें मिलने के आसार हैं. जबकि एनपीएफ को 4 से 8 सीटें मिल सकती है.   

गोवा का क्या होगा, फिर से आएगी बीजेपी?

सर्वे के अनुसार, 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा चुनाव में सत्तारुढ़ बीजेपी को 38 फीसदी वोट मिल सकते हैं और सत्ता पर पकड़ बनाए रख सकती है. आम आदमी पार्टी को 23 फीसदी वोट मिल सकते हैं, तो कांग्रेस के खाते में 18 फीसदी, और अन्य को 21 फीसदी वोट मिलने की संभावना जताई गई है.

अगर गोवा विधानसभा में सीटों के लिहाज से देखें तो भारतीय जनता पार्टी को 24 से 28 सीटें, कांग्रेस को 1 से 5 सीटें, आम आदमी पार्टी को 3 से 7 सीट और अन्य के खाते में 4 से 8 सीटें जा सकती है.

उत्तर प्रदेशः क्या योगी दिलाएंगे बीजेपी को जीत

बात अब उत्तर प्रदेश की करते हैं. देशभर की निगाहें योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश पर लगी हुई है. क्या उनकी अगुवाई में बीजेपी लगातार दूसरी बार सत्ता पर काबिज होती है. हालांकि लखीमपुर खीरी हिंसा और गोरखपुर कांड समेत कई मामलों के बीच इस बार चुनाव रोमांचक होने के आसार हैं.

सर्वे के मुताबिक उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर से सरकार बना सकती है. दावा किया गया है कि बीजेपी के खाते में 241 से 249 सीटें आ सकती है. जबकि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के हिस्से में 130 से 138 सीटें जा सकती है तो बहुजन समाज पार्टी को 20 से कम सीटें मिलने के आसार हैं.

प्रियंका गांधी वाड्रा की अगुवाई में लगातार सक्रिय कांग्रेस को इस बार भी खास फायदा होता नहीं दिख रहा है. कांग्रेस 3 से 7 सीटों के बीच सिमट सकती है.
 

 

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