संसद के मॉनसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा जारी है. लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया ने देख लिया कि हमारे कार्रवाई का दायरा कितना बड़ा है. सिंदूर से लेकर सिंधु तक पाकिस्तान पर कार्रवाई की है. उन्होंने आगे कहा, "ऑपरेशन सिंदूर ने तय कर दिया कि भारत में आतंकी हमले की, उसके आकाओं को और पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. अब ऐसे ही नहीं जा सकते."
पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से स्पष्ट होता है कि अगर भारत पर आतंकी हमला हुआ, तो हम अपने तरीके से, अपनी शर्तों पर, अपने समय पर जवाब देकर रहेंगे. कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल अब नहीं चलेगा. और हम आतंकी सरपरस्त सरकार और आतंकी आकाओं को अलग-अलग नहीं देखेंगे.
नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, "यहां पर विदेश नीति को लेकर भी काफी बातें कही गई हैं. दुनिया के समर्थन को लेकर भी काफी बातें कही गईं. मैं आज सदन में कुछ बातें पूरी स्पष्टता से कह रहा हूं. दुनिया में किसी भी देश ने भारत को अपनी सुरक्षा में कार्यवाही करने से रोका नहीं है. 193 देशों में सिर्फ तीन देश ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के सपोर्ट में बयान दिया था. दुनिया भर से भारत को समर्थन मिला है."
'निर्दोष लोगों की हत्या में भी...'
पीएम मोदी ने आगे कहा, "दुनिया का समर्थन तो मिला, दुनिया के देशों का समर्थन मिला लेकिन ये दुर्भाग्य है कि मेरे देश के वीरों के पराक्रम को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला. बाइस अप्रैल के आतंकी हमले के बाद तीन-चार दिन में ही ये उछल रहे थे. और कहना शुरू कर दिया कि कहां गई छप्पन इंच की छाती, कहां खो गया मोदी, मोदी तो फेल हो गया. क्या मजा ले रहे थे. उनको लग रहा था कि बाजी मार ली. वो पहलगाम के निर्दोष लोगों की हत्या में भी अपनी राजनीति तरासते थे. अपनी राजनीति के लिए मुझ पर निशाना साध रहे थे लेकिन उनकी बयानबाजी, इनका छिछोरापन देश के सुरक्षा बलों का मनोबल गिरा रहा था."