मध्य प्रदेश चुनावों के मद्देनजर भोपाल में आयोजित पंचायत आजतक के मंच पर 'किसमें कितना है दम' सत्र रखा गया. इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और कांग्रेस नेता अरुण यादव पहुंचे. सत्र के दौरान दोनों ही नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी की जीत तय बताई और एक-दूसरे पर सधी भाषा में कुछ आरोप भी लगाए. हालांकि सत्र की शुरुआत कुछ ऐसी रही कि दोनों नेता पहले तो एक-दूसरे की तारीफ कर रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे सवालों का सिलसिला शुरू हुआ तो आरोप-प्रत्यारोप के दौर भी चले.
कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल के चुनावों को लेकर कहा कि, वहां और मध्य प्रदेश के चुनावों में जमीन-आसमान का अंतर है. बंगाल में चुनाव नहीं लड़ा जाता है. वहां यु्द्ध लड़ा जाता है. कभी बम गोली, तलवार. यहां तो हमारे प्रतिपक्ष के लोगों के साथ अच्छे संबंध हैं. इस पर अरुण यादव ने भी समर्थन करते हुए कहा कि, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल का कल्चर अलग है. मध्य प्रदेश में अच्छा यह है कि यहां बंगाल जैसी स्थिति नहीं है. चुनाव अलग है, संबंध अलग है.
लाडली बहना स्कीम पर आमने-सामने आए दोनों नेता
लाडली बहना स्कीम को लेकर अरुण यादव ने कहा कि, एमपी सीएम को कॉपी पेस्ट की पुरानी आदत है. जब चुनाव आएगा तो सबकी याद आएगी. बहन बेटी, जीजा, साले, विद्यार्थी सब याद आएंगे. 2018 में मध्य प्रदेश की जनता द्वारा बनी मजबूत सरकार को ही चोरी कर लिया गया. उन्होंने सवाल किया कि इस योजना की अभी याद कैसे आ गई. इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आज एमपी में पर कैपिटा इनकम बढ़ी है.
पहले खरगौन पहुंचने में साढ़े चार-पांच घंटे लगते थे. आज खरगौन से इंदौर पहुंचने में पूछ लीजिए अरुण यादव से कितना समय लगता है. मध्य प्रदेश में ट्राइबल वर्ग ज्यादा हैं. उनको आगे लाने के लिए कई योजनाएं लाई गई हैं. आप इस योजना को चुनाव से जोड़कर क्यों देख रहे हैं?
अरुण यादव ने क्लिपिंग दिखाकर लगाए आरोप
सड़कों पर उठी बात को लेकर अरुण यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में जितना रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर है वह यूपीए-1 और 2 में हुआ था. बीना रिफाइनरी की शुरुआत यूपीए-1 में हुई थी और पीएम मोदी ने उसकी आधारशिला रखने पहुंचे थे. 15 महीने की सरकार में हमने किसानों का कर्ज माफ किया था. इसके साथ ही अरुण यादव ने कैलाश विजयवर्गीय के स्टेटमेंट और ट्वीट की कॉपी दिखाई. उन्होंने अखबारों की क्लिपिंग दिखाकर आरोप लगाए कि कैलाश विजयवर्गीय अपनी ही सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं.
कमीशन के आरोप पर ये बोले कैलाश विजयवर्गीय
इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुझे किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है. ये कहना कि तीस परसेंट कमीशन खाते हैं, ये मैंने नहीं कहा, ये इनका एजेंडा है. इस प्रकार की न्यूज को आधार बनाकर आरोप लगाना गलत है. जो ट्वीट किए वो तो जब काम नहीं हो रहा है तो मैंने उसे भी उठाया. मैंने हर चुनाव जीता है, जनता का हमेशा आशीर्वाद और प्यार मिला है. मध्य प्रदेश में कमीशन बिल्कुल नहीं है. यहां बहुत पारदर्शिता है.
अरुण यादव ने साधा निशाना
ऐसा कहे जाने के बाद अरुण यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में 50 प्रतिशत कमीशन है. एग्जाम होता है तो टॉप 10 में आने वाले लोग भाजपा विधायक के कॉलेज के छात्र होते हैं. कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब दिया कि ये मामला सामने आया तो सरकार ने इस पर एक्शन भी तो लिया. मध्य प्रदेश की सरकार ने जिस तरीके हर वर्ग का विकास किया है, राज्य बीमारू से निकलकर सामान्य स्थिति में आया है तो हमने कार्य किया है. 10 हजार करोड़ की सिंचाई योजना लागू की. मध्य प्रदेश में हर किसी का विकास हुआ है. शहरों की तस्वीर बदली है. ग्रामीण क्षेत्रों की परचेजिंग कैपिसिटी बढ़ी है.