
मोहब्बत चाहे 1923 की हो या फिर 2023 की, प्यार और इजहार करने का तरीका भले ही 21वीं सदी में चिट्ठी से लेकर डिजिटल वीडियो कॉलिंग तक आ पहुंचा हो लेकिन आज ही मोहब्बत की बुनियादी डोर है वो एक-दूसरे के सुख दुःख से बंधी हुई है. यही प्रेम की डोर एक शेर को 351 किलोमीटर दूर से आख़िरकार अपनी शेरनी के पास खींच लाई. 4 सालों से अपनी शेरनी तारा का इंतजार कर रहे शेर GS की मोहब्बत रंग लाई. लेकिन वैलेंटाइन वीक के प्रपोज डे पर शेरनी तारा को प्रपोज करने के बाद शेर GS को क्वारंटाइन कर दिया गया.
वन्यजीव एक्सचेंज प्रोग्राम में जोधपुर माचिया बायोलॉजिकल पार्क से शेर GS को प्रोपज डे यानी 8 फरवरी वाले दिन जयपुर लाया गया. वन विभाग की देखरेख में शेर GS 351 किलोमीटर का सफर तय कर जयपुर पहुंचा. फिर प्रपोज डे वाले दिन शेर GS को शेरनी तारा से मिलवाया गया, जिससे वह साथ मिलकर अपना कुनबा बढ़ा सके. इसके चलते 9 साल के शेर GS को तारा जोड़ा बनाकर लॉयन सफारी में रखने की तैयारी की जा रही थी लेकिन इससे पहले ही शेर GS को नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में 21 दिनों के लेकिन अकेला क्वारंटाइन में रहना पड़ेगा.

वरिष्ठ वन्यजीव पशु चिकित्सक डॉक्टर अरविंद माथुर ने बताया, अगले कुछ दिनों तक शेर जीएस को क्वारंटाइन रखा जाएगा. फरवरी अंत तक शेर को तारा के साथ छोड़ा जाएगा. लॉयन सफारी की शान माने जाने वाली शेरनी तारा को नया पार्टनर मिल जाएगा. 6 महीने ब्रीड लोन पर शेर को नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क लाया गया है. शेरनी तारा और शेर जीएस का जोड़ा बनने से प्रजनन की उम्मीद है. इससे नाहरगढ़ पार्क में शेरों का कुनबा बढ़ेगा. वहीं, लॉयन सफारी में शेर और शेरनी का जोड़ा पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा.
बता दें कि जयपुर की दुल्हनिया शेरनी तारा दूल्हे राजा शेर GS दोनों को 4 वर्षों से इंतजार था. जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में शेरनी तारा वर्ष 2019 से अकेले ही रह रही थी. वहीं, अब 6 महीने के लिए ही सही शेर GS को जयपुर लाया गया है. इसके लिए दोनों को ओपन लायन सफारी में एक साथ रखा जाएगा.
पहले भी शेर GS दो बार मेंटिंग करके शेरों के कुनबे को आगे बढ़ा चुका है. अब जब शेर GS को जयपुर लाया जा चुका है तो पहले 21 दिनों तक मिनरल वाटर में दवाई मिलाकर पिलाई जाएगी, जिससे शेर GS स्ट्रेस फ्री रहे.