कल दिल्ली के राम लीला मैदान में गांधी टोपी पहने लाखों सरकारी कर्मचारियों की भीड़ जमा हुई थी. हाथ में तख्ता... जिसपर लिखा था... ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करो.. वही ओल्ड पेंशन स्कीम.. जिसे मुद्दा बना कर कांग्रेस हिमाचल प्रदेश की सत्ता में लौटी और जिस पंजाब में वो हारी.... वहां सत्ता में आई आम आदमी पार्टी ने भी इसे लागू किया. अब ओल्ड पेंशन स्कीम की कहानी आगे बढ़ी है. रामलीला मैदान में लाखों कर्मचारियों की मौजूदी इसकी बानगी थी कि लोकसभा चुनाव से ठीक महीने पहले ये मुद्दा बीजेपी के गले की फांस बनने वाली है. कल नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम से जुड़े संगठन रैली में शामिल हुए. दिल्ली पुलिस ने मैदान में टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी इसके बावजूद कर्मचारियों के टेंट लगे और भाषण भी हुए और पेंशन के नारे लगते रहे.
रैली को कांग्रेस, आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों का साथ मिला. फिलहाल राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में ये लागू है मगर बीजेपी अक्सर इसके नुकसान गिनाती दिखाई पड़ती है. आरबीआई ने भी इशारों में ये बात कही थी कि ओल्ड पेंशन स्कीम का आना राज्यों पर आर्थिक बोझ डालेगा जो उनकी इकॉनमी प्रभावित कर सकता है, तो सबसे पहले कल रामलीला में हुई रैली की बात करते हैं, कौन कौन से संगठन के लोग रैली में शामिल थे और आने वाले समय में ये बीजेपी के लिए कितना बड़ा सिरदर्द बनने वाला है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.
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हिंद महासागर के बीचों बीच बसा एक आइलैंड नेशन... मालदीव. भारत का पड़ोसी मुल्क जहां 1200 छोटे-बड़े द्विप हैं जिनमें से 16 द्वीपों को चीन ने लीज पर ले रखा है. 30 सितंबर को यहां राष्ट्रपति पद का चुनाव हुआ. रेस में दो नाम थे.. पीपल्स नेशनल कांग्रेस के मोहम्मद मुइज्जू और मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी के इब्राहिम मोहम्मद सोलिह. अब ये दोनों रेस में ज़रूर थे लेकिन इनके पीछे दो और नाम थे जिसकी चर्चा चुनाव में हो रही थी....भारत और चीन. ऐसा इसलिए क्योंकि मोहम्मद मुइज्जू की पार्टी अपने पिछले कार्यकाल यानी कि 2013 से 2018 तक चीन के बेहद करीब रही. चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का वो हिस्सा भी थी जिसमें चीन रोड, रेल और समुद्र के जरिए पड़ोसी मुल्कों के साथ जुड़ रहा है. 2018 के बाद सत्ता बदली. इब्राहिम मोहम्मद सोलिह नए राष्ट्रपति बने. इनका झुकाव भारत की तरफ था. भारत को मालदीव में अब चीन का प्रभाव कम करना था. उसने मालदिव को दो बिलियन डॉलर का ग्रांट दे दिया. दिल्ली से 75 Indian military पर्सोनल्स मालदिव भेजे जो वहां मौजूद इंडियन एयरक्राफ्ट के ऑपरेशन को संचालित करते.
इन्हीं सब के बीच एक नई पॉलिसी पर बहस छिड़ी.. इंडिया फर्स्ट पॉलिसी. सत्ता पक्ष पर आरोप लगे कि देश में चीन के इंवेस्टमेंट के बाद भी मालदीव भारत से नजदिकिया लगातार बढ़ा रहा है.. और इसमें सबसे मुखर रही विपक्षी पार्टी पीपल्स नेशनल कांग्रेस. वही पार्टी जो अब मालदीव के सत्ता में लौट आई है, जिसने चुनाव से पहले इंडिया आउट कैंपेन चलाया. मांग की कि पचहतर के पचहतर Indian military भारत भेजे जाएं क्योंकि इससे उनकी नेशनल सिक्योंटी को ख़तरा है. तो अब मोहम्मद मुइज्जू मालदीव के नए राष्ट्रपति हैं. चीन के तरफ उनका झुकाव है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि मालदीव भारत और चीन के लिहाज़ से इतना इंपॉर्टेंट क्यों, क्यों दोनों देश उसमें इतना इन्वेस्ट कर रहे हैं, अब चीन इसका फायदा कैसे उठाएगा और क्या इससे भारत को नुकसान भी हो सकता है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.
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चीन में चल रहे एशियन गेम्स में कल भारत के हिस्से 15 मेडल्स आए. 3 गोल्ड, 7 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज जिसके बाद भारत की ओवरऑल मेडल टैली 53 हो गई. कल लग रहा था मेन्स बैडमिंटन ग्रुप के हिस्से गोल्ड आएगा मगर टीम फाइनल में चीन के हाथों हार गई. संतोष सिल्वर से करना पड़ा. मुक्केबाज निकहत ज़रीन महिलाओं के 50 किलोग्राम सेमीफाइनल मुकाबले में हार गईं. उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. हालांकि शूटिंग में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा. महिला टीम ने सिल्वर मेडल जीता और पुरुष टीम ने गोल्ड अपने नाम किया. तो कल एशियन गेम्स में भारत के क्या क्या हाइलाइट्स थे और आज कौन कौन से स्पोर्ट्स में भारत को मेडल की उम्मीद दिख रही है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.