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इंडिया गेट पर लगेगी सुभाष चंद्र बोस की भव्य मूर्ति, अमर जवान ज्योति विवाद के बीच PM मोदी का ऐलान

पीएम मोदी ने ये ऐलान ऐसे वक्त पर किया, जब भारत सरकार ने इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति पर जलने वाली लौ को नेशनल वॉर मेमोरियल की लौ के साथ मर्ज (विलय) करने का फैसला किया है. इस फैसले पर कांग्रेस समेत विपक्षी दल केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं. 

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इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति लगाई जाएगी इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति लगाई जाएगी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पीएम मोदी ने ट्वीट कर किया ऐलान
  • 23 जनवरी को नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि  इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति लगाई जाएगी. पीएम मोदी ने ट्वीट कर ये जानकारी दी. पीएम मोदी ने ये ऐलान ऐसे वक्त पर किया, जब भारत सरकार ने इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति पर जलने वाली लौ को नेशनल वॉर मेमोरियल की लौ के साथ मर्ज (विलय) करने का फैसला किया है. इस फैसले पर कांग्रेस समेत विपक्षी दल केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं. 

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ऐसे समय में जब पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि नेताजी की ग्रेनाइट से बनी भव्य प्रतिमा इंडिया गेट पर स्थापित की जाएगी. यह उनके प्रति भारत की कृतज्ञता का प्रतीक होगा. 

नेताजी की 28 फीट ऊंची और 6 फीट चौड़ी प्रतिमा लगाई जाएगी. ( मॉडल फोटो )

खाली पड़ी छतरी पर लगेगी नेताजी की प्रतिमा

बताया जा रहा है कि इंडिया गेट और राष्ट्रीय समर स्मारक के बीच खाली पड़ी इस छतरी में नेताजी की प्रतिमा लगाई जाएगी. ये छतरी 6 दशक से खाली पड़ी थी. यहां पहले जॉर्ज पंचम की प्रतिमा था. 1968 में इसे हटाकर बुराड़ी के कोरोनेशन पार्क में भेज दिया गया था. तब से यह छतरी खाली थी. 

इस छतरी पर पहले जॉर्ज पंचम की प्रतिमा थी.1968 से यह छतरी खाली पड़ी है.

प्रतिमा लगाए जाने तक लगेगी होलोग्राम प्रतिमा

पीएम मोदी ने कहा, जब तक नेताजी बोस की भव्य प्रतिमा नहीं बन जाती, तब तक उनकी होलोग्राम प्रतिमा उसी स्थान पर लगाई जाएगी. मैं 23 जनवरी को नेताजी की जयंती पर होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करूंगा.

 

 

सरकार ने अमर जवान ज्योति की लौ को शिफ्ट करने का फैसला किया

1972 में इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति का निर्माण हुआ था. इसका निर्माण 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों की याद में किया गया था. इस युद्ध के 50 साल पूरे होने के मौके पर इसे राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शिफ्ट करने का फैसला किया गया है. इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति के रूप में जलने वाली आग की लौ का गणतंत्र दिवस से पहले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जलने वाली लौ में विलय कर दिया जाएगा.

सरकार के फैसले पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में अमर जवान ज्योति की लौ को विलय करने के फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है. राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा, बहुत दुख की बात है कि हमारे वीर जवानों के लिए जो अमर ज्योति जलती थी, उसे आज बुझा दिया जाएगा. कुछ लोग देशप्रेम व बलिदान नहीं समझ सकते, कोई बात नहीं. हम अपने सैनिकों के लिए अमर जवान ज्योति एक बार फिर जलाएंगे!

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