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एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी और ड्रोन पॉलिसी पर MHA की बड़ी तैयारी, जल्द आ सकती है नई नीति

सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशनल क्षमता के मुताबिक एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी के बारे में जो जानकारी बताई जा रही है. उसके अनुसार 10 सेकंड के अंदर एंटी ड्रोन सिस्टम, दुश्मन के ड्रोन को ढूंढने में सक्षम होगा और 10 मिनट के अंदर किसी भी कंडीशन में इनको उस इलाके में तैनात किया जा सकेगा. उस जगह का तापमान चाहे माइनस में ही क्यों न हो.

जल्द आएगी एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी (सांकेतिक फोटो) जल्द आएगी एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी (सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वर्तमान में इजरायल-US में भी यही तकनीक
  • 10 सेकेंड में ढूंढ़ निकालेगा दुश्मन ड्रोन
  • 30 सेकंड में दुश्मन ड्रोन की रेडियो फ्रीक्वेंसी होगी जाम

ड्रोन, देश के लिए ख़तरा बनता जा रहा है. ऐसे में गृह मंत्रालय सहित देश की तमाम एजेंसियां चिंतित हैं. यही वजह है कि केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में पिछले एक महीने में 2 बार ड्रोन पॉलिसी को लेकर बड़ी बैठकें हो चुकी हैं.

एंटी ड्रोन सिस्टम को लेकर जून के दूसरे सप्ताह में गृह सचिव ने जो बैठक की थी उसका मुख्य एजेंडा था "परमिशन फ़ॉर यूज़ ऑफ जैमर इन एंटी ड्रोन सिस्टम एट वाइटल इंस्टॉलेशन." इस बैठक में गृह सचिव, पीएमओ के अधिकारी, आईबी चीफ़ डीजी एसपीजी, सेकेट्ररी MOCA, सेकेट्ररी DOT, चैयरमैन AAI, BCAS, CISF और NSCS के अधिकारियों ने हिस्सा लिया. 

सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में सभी लोग इस बात पर सहमत थे कि महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों में सिक्योरिटी और एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी को प्रोक्योरमेंट करने के लिए कमेटी बनाकर उस पर जल्द से जल्द कदम बढ़ाए. एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी लाने को लेकर कमेटी की सिफारिशों पर भी चर्चा हुई. 

मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने जो पहले गाइडलाइन ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन के साथ मिलकर बनाई थी, उसको रिवाइज करने की भी बात इस मीटिंग में की गई. सूत्र बताते हैं कि जल्द ही नई ड्रोन नीति के साथ देश अपने महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों को सुरक्षित करने में आधुनिक तकनीक से लैस होगा.

सूत्रों ने बताया है कि ऑपरेशनल क्षमता के मुताबिक एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी के बारे में जो जानकारी बताई जा रही है. उसके अनुसार 10 सेकंड के अंदर एंटी ड्रोन सिस्टम, दुश्मन के ड्रोन को ढूंढने में सक्षम होगा और 10 मिनट के अंदर किसी भी कंडीशन में इनको उस इलाके में तैनात किया जा सकेगा. उस जगह का तापमान चाहे माइनस में ही क्यों न हो.

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30 सेकंड में दुश्मन ड्रोन की रेडियो फ्रीक्वेंसी जाम

एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी और उसके जैमर एक दुश्मन ड्रोन और कई UAV को एक साथ ढूंढ निकालने की क्षमता रखेगा. इसके साथ ही यह 30 सेकंड के अंदर दुश्मन की ड्रोन की रेडियो फ्रीक्वेंसी को जाम करने और GPS को डैमेज करते हुए फ़ोर्स लैंडिंग करवाने में भी सक्षम हो.

सुरक्षा महकमों के उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो एंटी ड्रोन निगरानी करने की जो प्रणाली आने वाले दिनों में प्रयोग की जाएगी, वह कई आधुनिक तकनीक से लैस होगी. वर्तमान में इजरायल और अमेरिका ऐसे एंटी ड्रोन सिस्टम का प्रयोग कर रहा है. इस एंटी-ड्रोन सिस्टम में रेडियो फ्रीक्वेंसी रिसीवर, एलेक्ट्रो-ऑप्टिक सेंसर, जैमर और कंट्रोलर मैकेनिज्म मौजूद होगा.

इसके राडार में ड्रोन की दिशा के बारे में सटीक जानकारी देने वाली निगरानी क्षमता भी मौजूद होगी. इस सिस्टम में कैमरे भी लगे होंगे. साथ ही इसका जैमर इतना ताकतवर होगा कि 5 सेकेंड से भी कम समय में सिग्नल जाम किए जा सकेंगे. अगर पाकिस्तान चालाकी करके फ्री प्रोग्राम्ड ड्रोन भारत के अंदर भेजता है तो उसको भी इस नए सिस्टम से जाम कर दिया जाएगा. 

एंटी-ड्रोन सिस्टम 24 ×7 करेगा काम

सूत्रों ने आजतक को जानकारी दी है कि नया सिस्टम छोटे आकार का होगा. जिससे इसको कहीं भी त्वरित गति से लगाया जा सकेगा. साथ ही पूरे सिस्टम को छोटे-छोटे हिस्सों में खोला भी जा सकता है. जिससे इसे कहीं भी ले जाना आसान हो. यही नहीं एंटी-ड्रोन सिस्टम दिन के साथ ही रात यानी 24 ×7 काम करेगा. इस टेक्नोलॉजी के आने के बाद अगर ड्रोन झुंड में हमला करता है तो उसको भी डिटेक्ट करने की ताक़त  होगी.

पाकिस्तान और वहां पल रहे आतंकी ड्रोन के जरिए सीमा पार हथियार भेज रहे हैं, साथ ही अब वह इस ड्रोन से हमला भी करने लगे हैं. ऐसे में केंद्रीय एजेंसियां की चिंताएं और ज्यादा बढ़ गई हैं. यही वजह है कि गृह सचिव ने जो बैठक की है उस बैठक में जल्द से जल्द एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी और उसको जाम करने के लिए बड़ी तकनीक को अलग-अलग सुरक्षा प्रतिष्ठानों में लगाने की बात चल रही है. 

सूत्रों ने जानकारी दी है कि जल्द ही सुरक्षा प्रतिष्ठानों के बाहर ऐसे एंटी ड्रोन सिस्टम लगे हुये मिल जाएंगे जो उड़ रहे दुश्मन ड्रोन को जाम करने में सक्षम होंगे.

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