scorecardresearch
 

QUAD मुद्दे पर चीन की धमकी पर बोला भारत- बांग्लादेश ने पहले ही दे दिया बयान

पिछले दिनों क्वाड देशों के समूह को लेकर चीन की ओर से एक तरह से बांग्लादेश को धमकी दी गई थी. बांग्लादेश में चीन के राजदूत ली जिमिंग ने कहा था कि ढाका को क्वाड में शामिल नहीं होना चाहिए. यदि वह हिस्सेदारी करता है तो दोनों देशों के रिश्तों को काफी नुकसान होगा.

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता अरिंदम बागची (ANI) विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता अरिंदम बागची (ANI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मेरे पास जोड़ने के लिए और कुछ नहींः अरिंदम बागची
  • 'वैक्सीन की खरीद, निर्माण के लिए अमेरिका से संपर्क में'
  • सिंगापुर प्रकरण पर प्रवक्ता ने कहा, जोड़ने को कुछ नहीं

क्वाड देशों के समूह में बांग्लादेश के शामिल होने की खबरों के बीच चीन अपनी सार्वजनिक तौर पर नाराजगी दिखा चुका है और भारत के पड़ोसी देश को धमकी भी दे चुका है. इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ किया कि क्वाड की पहली बैठक के बाद विदेश सचिव ने स्पष्ट रूप से कह दिया था कि मंच के विस्तार के मुद्दे पर चर्चा नहीं की गई थी.

चीन की ओर से क्वाड में शामिल होने पर ढाका को धमकी दिए जाने और क्या भारत ने बांग्लादेश को आमंत्रित किया है, के सवाल पर विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि क्वाड की पहली बैठक के बाद विदेश सचिव ने स्पष्ट कर दिया था कि मंच के विस्तार के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की गई थी. पहले भाग के लिए, बांग्लादेश की ओर से भी बयान दिया गया है. इस मामले में मेरे पास जोड़ने के लिए और कुछ नहीं है.

पिछले दिनों क्वाड देशों के समूह को लेकर चीन की ओर से एक तरह से बांग्लादेश को धमकी दी गई थी. बांग्लादेश में चीन के राजदूत ली जिमिंग ने कहा था कि ढाका को क्वाड में शामिल नहीं  होना चाहिए. यदि वह किसी भी तरह से बीजिंग विरोधी 'क्लब' में हिस्सेदारी करता है तो दोनों देशों के रिश्तों को काफी नुकसान होगा. क्वाड में भारत के अलावा जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका शामिल हैं. 

चीनी राजदूत जिमिंग की टिप्पणी को बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमन ने "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" और "आक्रामक" करार दिया था. मोमन ने कहा कि हम एक स्वतंत्र और संप्रभु देश हैं. हम अपनी विदेश नीति स्वयं तय करते हैं.

वैक्सीन के लिए संपर्क जारीः प्रवक्ता
अमेरिका के साथ वैक्सीन की खरीद को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंद बागची ने कहा कि हम वैक्सीन की खरीद और भारत में उसके बाद के निर्माण के लिए अमेरिकी संस्थाओं से संपर्क में हैं. हमने हाल ही में अमेरिका द्वारा अन्य देशों को निश्चित मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराने की घोषणा पर ध्यान दिया, लेकिन भारत के लिए कितना है इसका उल्लेख नहीं है.

इसे भी क्लिक करें --- कर्नाटक: कोरोना से जंग हार गए माता-पिता, 10 दिन की बच्ची हो गई अनाथ

वैक्सीन मैत्री और पड़ोसी देशों की मदद करने को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि विदेश भेजे गए सभी वैक्सीन अनुदान या वाणिज्यिक प्रतिबद्धताओं से जुड़े हुए थे. इससे जुड़े डिटेल्स हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध है. उन्होंने आगे कहा कि हमारे विदेश सचिव ने घरेलू परिस्थितियों को देखते हुए वैक्सीन की घरेलू मांगों को पूरा करने की जरुरत पर प्रकाश डाला था.

खाड़ी क्षेत्र में इजराइल और फिलिस्तीन के बीच जारी विवाद पर प्रवक्ता ने कहा कि हमने UNSC की बैठक में बयान दिया था. हम UNGA में एक और बयान देने जा रहे हैं.

सिंगापुर प्रकरण पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इसमें जोड़ने के लिए कुछ भी नहीं है.


 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें