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कोरोनाकाल में न्यायपालिका के लिए पैदा हुईं कई चुनौतियां: CJI एनवी रमणा

कोरोनाकाल में पैदा हुईं मुश्किलों का जिक्र करते हुए सीजेआई रमणा ने कहा कि न्यायपालिका सहित कई संस्थानों के लिए कोविड-19 ने मुश्किलें और चुनौतियां पैदा की हैं, लेकिन हमने इसी बीच जजों के खाली पदों के लिए सौ से ज्यादा सिफारिशें कीं, जिसे सरकार ने तुरंत मान लीं.

सीजेआई एनवी रमणा सीजेआई एनवी रमणा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'कोरोना ने भारत में न्यायपालिका के लिए कई चुनौतियां पैदा कीं'
  • कानूनी जागरूकता अभियान का शुभारंभ

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नालसा द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी कानूनी जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया. इस अभियान का उद्देश्य छह हफ्तों में कम से कम तीन बार भारत के छह लाख से ज्यादा गांवों तक पहुंचने का है. इस अवसर पर रामनाथ कोविंद ने कहा कि हमारा स्वतंत्रता संग्राम अनेक महान वकीलों की अगुआई में आगे बढ़ा और कामयाब हुआ. गांधी जी ने सवा सौ साल पहले प्रोफेशन में नैतिकता के जो मानदंड बनाए आज भी वो वकीलों के लिए जरूरी हैं. विपक्षी पार्टी पर बोझ डालना न्याय मिलना नहीं है. उन्होंने कहा कि तीन हजार से ज्यादा लीगल एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स भी विधिक जागरूकता समाज के पिछड़े वर्गों तक पहुंचाने में लगे हैं. वहीं, कार्यक्रम में सीजेआई एनवी रमणा ने कहा कि कोरोना ने भारत में न्यायपालिका के लिए कई चुनौतियां पैदा कीं. 

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमणा ने कहा कि महात्मा की शिक्षा और आचरण पीढ़ियों को राह दिखा रहे हैं. टैगोर की कविता कहने के बाद जस्टिस रमणा ने कहा कि सबको न्याय मिलने की राह आसान हो सके, यही महात्मा जी के विचार और कामना थी. समता और न्याय पाने के समान और आसान अवसर एक-दूसरे के पूरक हैं. हमारे जटिल सामाजिक ताने-बाने में नौकरी जाना, बेरोजगारी जैसे कई मामलों में त्वरित न्याय सेवा जरूरी है.

कोरोनाकाल में पैदा हुईं मुश्किलों का जिक्र करते हुए सीजेआई रमणा ने कहा कि न्यायपालिका सहित कई संस्थानों के लिए कोविड-19 ने मुश्किलें और चुनौतियां पैदा की हैं, लेकिन हमने इसी बीच जजों के खाली पदों के लिए सौ से ज्यादा सिफारिशें कीं, जिसे सरकार ने तुरंत मान लीं. आगे भी हमें एक साथ तालमेल के साथ काम आगे बढ़ते जाने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के साथ और भी सही रफ्तार के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है.

उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले और आदेश क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की मुहिम आगे बढ़ रही है. किरण रिजिजू बहुत अच्छे ढंग से लोगों से कनेक्ट करते हैं. मेरे साथी जज जस्टिस ललित और जस्टिस खानविलकर बहुत नए-नए तरीकों से इस बारे में काम कर रहे. उसका काफी असर दिख रहा है.

 

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