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मणिपुर के उखरुल में फिर भड़की हिंसा, उपद्रवियों ने दो घरों को लगाई आग

पुलिस के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 7 बजे हुई, जब बदमाशों ने दो मकानों में आग लगा दी, जिससे दोनों घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए. सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग की तीव्रता के कारण मकानों को बचाया नहीं जा सका.

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उखरुल के जिला मजिस्ट्रेट ने 8 फरवरी की शाम से ही लितान गांव में अनिश्चितकालीन निषेधाज्ञा लागू की थी. (File Photo- ITG)
उखरुल के जिला मजिस्ट्रेट ने 8 फरवरी की शाम से ही लितान गांव में अनिश्चितकालीन निषेधाज्ञा लागू की थी. (File Photo- ITG)

मणिपुर के उखरुल जिले में गुरुवार को हालात फिर तनावपूर्ण हो गए, जब लितान सरेइखोंग गांव में अज्ञात बदमाशों ने सुबह दो घरों को आग के हवाले कर दिया. इस घटना के बाद क्षेत्र में टांगखुल नागा और कुकी समुदाय के बीच तनाव और बढ़ गया. प्रशासन ने पहले से ही इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर रखी थी.

पुलिस के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 7 बजे हुई, जब बदमाशों ने दो मकानों में आग लगा दी, जिससे दोनों घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए. सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग की तीव्रता के कारण मकानों को बचाया नहीं जा सका.

उखरुल के जिला मजिस्ट्रेट ने 8 फरवरी की शाम से ही लितान गांव में अनिश्चितकालीन निषेधाज्ञा लागू की थी. प्रशासन ने आशंका जताई थी कि दोनों समुदायों के बीच विवाद शांति व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है.

प्रतिबंधों के बावजूद गुरुवार सुबह करीब 8:50 बजे सशस्त्र बदमाशों के बीच भारी गोलीबारी हुई, जो लगभग आधे घंटे तक चली. बाद में टांगखुल नागा समुदाय की महिलाओं ने लितान पुलिस स्टेशन का घेराव करने की कोशिश की और आरोप लगाया कि सुरक्षा बल कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहे हैं. पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. अधिकारियों ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

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बताया जा रहा है कि यह हिंसा 7 फरवरी को दोनों समुदायों के लोगों के बीच नशे की हालत में हुए विवाद के बाद शुरू हुई थी. इसके बाद से अब तक 50 से अधिक घरों में आगजनी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.

तनाव को देखते हुए मणिपुर गृह विभाग ने 10 फरवरी को उखरुल, कांगपोकपी के लुंगटिन उपखंड और कामजोंग के फुंग्यार उपखंड में पांच दिनों के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं, ताकि सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ सामग्री फैलने से रोका जा सके.

वहीं, चुराचांदपुर जिले में भी गुरुवार को स्थिति तनावपूर्ण रही. यहां वैफेई समुदाय के लोगों ने कुकी-जो विधायक एलएम खाउते के मणिपुर सरकार के गठन में शामिल होने के विरोध में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने विधायक के आवास की ओर मार्च किया, जहां सुरक्षा बलों ने भीड़ को रोकने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स की मदद से हल्का बल प्रयोग किया.

प्रदर्शनकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक सड़क जाम कर नारेबाजी की, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें वहां से हटा दिया. प्रशासन दोनों जिलों में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.

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