केरल के कोच्चि के पास लाइबेरिया ध्वजवाहक कंटेनर जहाज एमएससी ईएलएसए 3 दुर्घटनाग्रस्त हुआ. जहाज के 26 डिग्री झुकने के बाद भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने बचाव अभियान शुरू कर दिया. ये जहाज 23 मई को विझिंजम पोर्ट से रवाना हुआ था और 24 मई को कोच्चि पहुंचने वाला था.
जहाज पर मौजदू 24 क्रू मेंबर्स में से 21 को बचा लिया गया. बाकि तीन, कैप्टन, चीफ इंजीनियर और सेकेंड इंजीनियर जहाज पर ही हैं ताकि बचाव अभियान को सुविधाजनक बनाया जा सके. भारतीय तटरक्षक बल के जहाज और विमान स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान को रोका जा सके.
क्या हुआ MSC ELSA 3 के साथ?
आज (शनिवार) को करीब डेढ़ बजे MSC शिप मैनेजमेंट ने भारतीय अधिकारियों को सूचित किया कि जहाज 26 डिग्री झुक गया है. ये कोच्चि से 38 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम (SW) में हुई है.
भारतीय तटरक्षक बल का बचाव अभियान
भारतीय तटरक्षक बल ने सूचना मिलने के बाद क्षेत्र में जहाजों को सतर्क किया है. हवाई जहाजों को बचाव अभियान के लिए तैनात किया गया है. घटनास्थल पर अतिरिक्त लाइफ जैक्ट गिराए हैं.
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सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया
महानिदेशक (DG) शिपिंग ने भारतीय तटरक्षक बल को निर्देश दिया है कि बचाव अभियान के लिए शीघ्र सेवाएं प्रदान करें. साथ ही पर्यावरण को किसी भी तरह को नुकसान से बचाने के लिए निगरानी की जा रही है.
समुद्र में जहाज झुकने का क्या मतलब है?
अधिकांश मालवाहक जहाज 30 से 40 डिग्री तक के झुकाव को सहन कर सकते हैं. हालांकि, जहाज के 26 डिग्री के झुकाव पर भी पलटने की संभावना बनी रहती है. जहाज को ऐसे डिजाइन किया जाता है कि वह छोटे-मध्यम झुकाव को सहन कर सकती है.