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फिल्ममेकर आयशा सुल्ताना को केरल हाई कोर्ट से झटका, देशद्रोह केस को रद्द करने की मांग खारिज

बीते साल जून में एक मलयालम समाचार चैनल पर प्रफुल कोड़ा पटेल द्वारा लागू की गई लक्षद्वीप में नीतियों पर चर्चा के दौरान उन्होंने विवादित बयान दिया था. बहस के दौरान उन्होंने कहा था केंद्र ने यहां बायो वीपन तैनात किया है.

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फिल्ममेकर आयशा सुल्ताना (फाइल फोटो) फिल्ममेकर आयशा सुल्ताना (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फिल्ममेकर आयशा सुल्ताना को केरल हाई कोर्ट से झटका
  • आयशा पर बीते साल दर्ज हुआ था मुकदमा

केरल हाई कोर्ट ने लक्षद्वीप की फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज देशद्रोह का मामला रद्द करने की मांग की गई थी. दरअसल आयशा ने एक टीवी समाचार चैनल की डिबेट में बहस के दौरान लक्षद्वीप में COVID-19 प्रोटोकॉल में ढील से संबंधित बयान दिया था. 

बता दें कि बीते 8 जून को केरल हाई कोर्ट ने फिल्म निर्माता के खिलाफ आईपीसी की धारा 124 ए के तहत जांच पर तीन महीने के लिए रोक लगा दी. अदालत ने कहा कि उसके मामले में लक्षद्वीप पुलिस आगे कोई कार्रवाई नहीं करेगी. यह स्टे सुप्रीम कोर्ट के हालिया अंतरिम आदेश पर आधारित है, जिसमें केंद्र द्वारा कहा गया था कि वह देशद्रोह कानून की वैधता की जांच कर रहा है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद कावारत्ती (Kavaratti) पुलिस अब मॉडल आयशा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाएगी. आयशा सुल्ताना के खिलाफ बीजेपी के लक्षद्वीप यूनिट के चीफ अब्दुल खादर हाजी के मामला दर्ज कराया था.  

क्या है मामला ? 

दरअसल, सुल्ताना ने कोरोना काल में केंद्र सरकार पर निशाना साधा था. शिकायत के मुताबिक, सुल्ताना ने मलयालम टीवी चैनल पर एक बहस के दौरान कहा था कि केंद्र सरकार ने लक्षद्वीप में कोरोना प्रतिबंधों में ढिलाई करके बायो वेपन का इस्तेमाल किया है. 

बीते साल जून में एक मलयालम समाचार चैनल पर प्रफुल कोड़ा पटेल द्वारा लागू की गई लक्षद्वीप में नीतियों पर चर्चा के दौरान उन्होंने विवादित बयान दिया था. बहस के दौरान सुल्ताना ने कहा था, "लक्षद्वीप में कोविड -19 के शून्य मामले थे. अब, यह रोजाना 100 मामले दर्ज किए जा रहे हैं. मैं यह कह सकती हूं. साफ है कि केंद्र सरकार ने बायो-हथियार तैनात किया है." 

अब्दुल खादर हाजी ने आरोप लगाया था कि अभिनेत्री ने ये बयान लोगों में नफरत फैलाने के लिए दिया है. हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद सुल्ताना ने अपना बयान वापस ले लिया था और दुख जताया था. हालांकि, कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिनेत्री के वकील ने कहा था कि कोरोना नियमों में ढिलाई के बाद लक्षद्वीप में बढ़े स्तर पर कोरोना के केस बढ़े थे. ऐसे में अभिनेत्री ने बायो वेपन शब्द का इस्तेमाल यह बताने के लिए किया कि लक्षद्वीप में ये जानबूझकर किया गया. 
 

 

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