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कानपुर मामला: प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी नेता रजनीश के खिलाफ 3 FIR, जेल भेजा

उत्तर प्रदेश के कानपुर का एक वीडियो आज खूब चर्चा में हैं. वीडियो में बच्ची को गोद में लिए एक शख्स पर कानपुर देहात के एक थाने के एसएचओ डंडा बरसाते दिख रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद से मामले ने तूल पकड़ लिया. लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी नेता रजनीश को जेल भेज दिया है.

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KANPUR
KANPUR
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कानपुर मामले में कार्रवाई, जेल में प्रदर्शनकारी
  • कर्मचारी नेता रजनीश के खिलाफ एक्शन

उत्तर प्रदेश के कानपुर का एक वीडियो खूब चर्चा में हैं. वीडियो में बच्ची को गोद में लिए एक शख्स पर कानपुर देहात के एक थाने के एसएचओ डंडा बरसाते दिख रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया. लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी नेता रजनीश को जेल भेज दिया है. रजनीश पर एक साथ तीन एफआईआर दर्ज की गई है. कानपुर के इस पिटाई मामले में रजनीश ही प्रदर्शन की अगुवाई कर रहा था.

'यूपी में नहीं लागू हो सकता कानून व्यवस्था का राज'

इधर बसपा ने पिटाई मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कानपुर में जिस तरह से पुलिस ने बर्बरता दिखाई है, वह निहायती शर्म की बात है. पिछले 3 सालों में पुलिस कस्टडी में 23 मौतें हुई हैं, इसलिए योगी सरकार की पुलिस पर सवाल उठना लाजमी है. बहुजन समाज पार्टी इसलिए कहती है कि जब तक बसपा की सरकार नहीं आएगी, तब तक कानून व्यवस्था का राज यूपी में नहीं लागू हो सकता है. बसपा की मांग है जिसको पुलिस वालों ने मारा है, उनको इलाज और मुआवजा दिया जाए और संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए.

'यूपी सरकार का अमानवीय चेहरा'

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की योगी सरकार का अमानवीय, क्रूर, बर्बर चेहरा, उत्तर प्रदेश की पुलिस लगातार दिखा रही है. बच्ची को लेकर भागते हुए कानपुर के युवक को पुलिस लाठी मार-मारकर अपनी लाठी तोड़ दे रही है. आजमगढ़ में एक विक्षिप्त युवक को मार-मार कर अधमरा कर देना बर्बरता है. विवेक तिवारी हत्याकांड हो या मनीष गुप्ता हत्याकांड, सारी जगहों पर बीजेपी सरकार का क्रूर चेहरा सामने आया है. उत्तर प्रदेश की जनता सारी चीजें देख रही हैं. चुनाव आ रहा है, जनता योगी जी को उचित सबक सिखाएगी. 

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'दोषी पुलिसकर्मी पर हो कार्रवाई'

इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने भी सरकार पर हमला किया है. समाजवादी पार्टी ने तंज कसते हुए कहा है कि गोद में लिए बच्चे के पिता पर बर्बर लाठीचार्ज है, UP में दमदार भाजपा सरकार है! कानपुर में पुलिसकर्मी द्वारा पिता और मासूम बच्चे की बेरहमी से पिटाई का वीडियो मुख्यमंत्री के जंगलराज की विचलित कर देने वाली तस्वीर है! दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई हो, केस दर्ज कर सजा दिलाई जाए.

क्या है मामला?

पुलिस ने ये लाठीचार्ज जिला हॉस्पिटल के कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन को लेकर किया था. कर्मचारी हॉस्पिटल के बगल में चल रही खुदाई का विरोध कर रहे थे, क्योंकि उसकी मिट्टी उड़-उड़कर पूरे हॉस्पिटल में भर रही थी. इस दौरान बच्चा लिए एक पिता पर जो पुलिस ने कार्रवाई की, उस पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि गोद में अपनी बेटी को लिए पुनीत शुक्ला को अकबरपुर थाने के एसएचओ विनोद कुमार मिश्र ने बेरहमी से पीटा था. मामला सामने आने के बाद एसएचओ विनोद कुमार मिश्र को सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं प्रशासन का दावा है कि अस्पताल के कर्मचारियों के प्रदर्शन से मरीजों को परेशानी थी, इसलिए उन्हें हटाना जरूरी था.

 

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