इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन और एग्जीक्यूटिव एडिटर-इन-चीफ कली पुरी दावोस में हो रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 में सेंटर फॉर रीजन्स, ट्रेड एंड जियोपॉलिटिक्स के एक अहम सत्र में शामिल होंगी और अपना संबोधन देंगी. यह सत्र “क्या भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है?” विषय पर होगा और इसका लाइव प्रसारण भी किया जाएगा. यह कार्यक्रम आज भारतीय समयानुसार दोपहर 2.45 से 3.30 बजे तक चलेगा.
यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चित दौर से गुजर रही है. इसके बावजूद भारत 6.5 प्रतिशत की विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है. इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर निवेश, यूपीआई जैसे डिजिटल पेमेंट सिस्टम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विस्तार ने भारत की आर्थिक रफ्तार को मजबूत किया है.
हालांकि, इतनी तेज ग्रोथ के बावजूद चुनौतियां भी मौजूद हैं. अमेरिका की टैरिफ नीति जैसे मुद्दे भारत के लिए व्यापारिक परेशानियां पैदा कर रहे हैं. इसी पर इस सत्र में चर्चा होगी कि क्या भारत इन चुनौतियों के बीच अपनी आर्थिक गति को बनाए रख पाएगा या नहीं.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी रखेंगे अपनी राय
कली पुरी अपनी बेबाक और सधी हुई पत्रकारिता के लिए जानी जाती हैं और इस चर्चा में वह अपना नजरिया पेश करेंगी. उनके साथ आईकेईए के सीईओ जुवेंसियो माएज्तु हेरेरा, भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल, हार्वर्ड की प्रसिद्ध अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव जैसे बड़े और अनुभवी स्पीकर भी शामिल होंगे. ये सभी भारत की अर्थव्यवस्था, निवेश, तकनीक और वैश्विक जोखिमों पर अपनी राय साझा करेंगे.
IMF के अनुसार, अगर सुधारों की रफ्तार बनी रही तो भारत 2027 से 2030 के बीच जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. 2026 तक भारत की विकास दर 6.6 से 7.3 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान जताया गया है, हालांकि अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक व्यापार तनाव अभी भी जोखिम बने हुए हैं.
WEF में कौन-कौन नेता हो रहे शामिल?
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 स्विट्जरलैंड के दावोस में "A Spirit of Dialogue" थीम के तहत आयोजित की जा रही है. यह बैठक फोरम के इतिहास की सबसे उच्चस्तरीय बैठकों में से एक मानी जा रही है, जिसमें दुनिया भर के सैकड़ों बड़े राजनीतिक नेता शामिल हो रहे हैं. हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार दावोस नहीं जा रहे हैं और वह WEF के सत्र में शामिल नहीं होंगे.
दावोस 2026 में करीब 65 राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें जी7, जी20 और ब्रिक्स देशों के कई शीर्ष नेता मौजूद हैं. यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पिछले कई दशकों के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है. अब तक फ्रांस और कनाडा जैसे देशों के नेताओं ने यहां भाषण दिए हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप आज शाम 7 बजे भाषण देंगे.