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ईरान में तनाव के बीच फंसे कितने हिंदुस्तानी? MEA ने दी ये सलाह

ईरान में जारी हिंसक सत्ता विरोधी प्रदर्शनों के बीच विदेश मंत्रालय ने बताया है कि वहां मौजूद करीब 9 हजार भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने की सलाह दी गई है. मंत्रालय ने कहा कि सरकार भारतीयों की हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है. इन प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है.

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विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद लगभग 9 हजार भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. (Photo: ITG)
विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद लगभग 9 हजार भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. (Photo: ITG)

ईरान में जारी सत्ता विरोधी प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ प्रोटेस्ट अब हिंसक और उग्र रूप ले चुका है. इस बीच ईरान में मौजूद भारतीयों को सतर्क रहने और देश छोड़ने की सलाह दी गई है. यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में दी है. 

भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि ईरान में इस समय करीब 9 हजार भारतीय नागरिक मौजूद हैं. इनमें छात्र, तीर्थयात्री, प्रोफेशनल्स, नाविक और कारोबारी शामिल हैं. मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और उन्हें सतर्क रहने के साथ उपलब्ध साधनों के जरिए वहां से निकलने की सलाह दी गई है. प्रवक्ता ने कहा कि सरकार भारतीय नागरिकों की हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है.

चाबहार बंदरगाह को लेकर विदेश मंत्रालय ने बताया कि 28 अक्टूबर 2025 को अमेरिका के ट्रेजरी सचिव की ओर से सशर्त प्रतिबंध छूट को लेकर एक पत्र मिला था. यह छूट अप्रैल 2026 तक वैध है. इस मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है. ईरान के साथ व्यापार पर मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 1.6 अरब डॉलर का है. यह भारत के कुल द्विपक्षीय व्यापार का एक प्रतिशत से भी कम है.

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'फिल्म निर्माण में MEA की कोई भूमिका नहीं'

सलमान खान की गलवान पर आधारित फिल्म को लेकर उठे सवालों पर मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की एक फिल्म बनाए जाने की जानकारी है, लेकिन फिल्म निर्माण से जुड़े मामलों को संबंधित प्राधिकरण देखते हैं. विदेश मंत्रालय की इसमें कोई भूमिका नहीं है.

'27 जनवरी को होगा भारत-EU शिखर सम्मेलन'

भारत-जापान रणनीतिक संवाद पर प्रवक्ता ने कहा कि रक्षा सहयोग दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का अहम हिस्सा है. दोनों पक्ष कई परियोजनाओं पर मिलकर काम कर रहे हैं. विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन 27 जनवरी को होगा. यूरोपीय संघ के नेता गणतंत्र दिवस पर भारत के मुख्य अतिथि होंगे. साथ ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत अच्छी चल रही है.

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