भारतीय रेलवे (Indian Railway) हाईटेक होने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है. रेलवे ने ट्रेन के कोचों की सफाई एवं डिब्बों की धुलाई के लिए अत्याधुनिक तरीका अपनाना शुरू किया है. इससे पानी की बचत होने के साथ समय भी बचेगा.
भारतीय रेलवे पर्यावरण के संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत है. इसी कड़ी में रेलवे ने विभिन्न स्टेशनों पर ऑटोमैटिक वॉशिंग प्लांट (Automatic Washing Plant) लगाए हैं. जिसकी मदद से कई कोचों की लंबी ट्रेन को कुछ ही मिनटों में धोकर साफ किया जा सकता है.
रेल मंत्रालय ने ट्वीट के जरिए एक वीडियो शेयर किया है. जिसमें गुजरात के गांधीधाम कोचिंग डिपो में ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट (Automatic Coache Washing Plant) शुरू करने की जानकारी दी गई है. रेलवे के मुताबिक इस आधुनिक तकनीक से ट्रेन के कोचेस (Coaches) की धुलाई कम समय में उच्च गुणवत्ता की होगी. साथ ही 80% तक पानी की बचत भी होगी.
भारतीय रेल पर्यावरण के संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत रही है।
— Ministry of Railways (@RailMinIndia)
इसी क्रम में गुजरात के गांधीधाम कोचिंग डिपो में स्वचालित कोच वाशिंग प्लांट शुरू किया गया है, जिससे कोचेस की धुलाई कम समय में उच्च गुणवत्ता की होगी साथ ही 80% तक पानी की बचत होगी।
ट्रेन की धुलाई की इस प्रक्रिया में समय, पानी और मानव शक्ति को कम करने में मदद मिलेगी. वहीं, ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट से डिपो के लिए बाहरी धुलाई की लागत में भी कमी आएगी.
बता दें कि रेलवे का ये ऑटोमेटेड कोच वॉशिंग प्लांट इको फ्रेंडली है. परंपरागत तरीकों के मुकाबले इसमें कम पानी का इस्तेमाल होता है. ऐसे वॉशिंग प्लांट को लगाकर रेलवे जल संरक्षण मिशन को भी मजबूती देना चाहता है.