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चीन से तनाव के बीच लद्दाख बॉर्डर पर दिखीं कमजोरियां, वक्त रहते सेना ने कीं दूर!

​​​​​​​भारत और चीन के बीच अगले राउंड की बातचीत 12 अक्टूबर को चुशूल-मोल्डो इलाके में होनी है. ये लेह कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह की अगुवाई में होने वाली आखिरी बैठक होगी.

लद्दाख सीमा पर तैयार है भारतीय सेना लद्दाख सीमा पर तैयार है भारतीय सेना
स्टोरी हाइलाइट्स
  • लद्दाख बॉर्डर पर तैनात है भारतीय सेना
  • सभी कमियों को वक्त रहते किया गया दूर

लद्दाख बॉर्डर पर भारत और चीन के बीच जारी तनाव को अब 6 महीने पूरे हो गए हैं. भारतीय सेना चीन का सामना करने के लिए पूरी तरह से डटी हुई है. इस बीच एक रिपोर्ट में ये जानकारी मिली है कि इस दौरान सेना की ओर से लद्दाख में काफी कमियों और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ा. लेकिन इन सभी कमियों को सेना की ओर से वक्त रहते ही दूर किया गया. 

सितंबर माह में सेना की ओर से रक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट साझा की गई. ये रिपोर्ट तब दी गई जब भारतीय सेना ने पैंगोंग लेक के  नॉर्थ और साउथ इलाके में चीनी सेना का सामना किया था.  

कई इंटेलिजेंस एजेंसी के द्वारा दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, लद्दाख में ग्राउंड ज़ीरो पर ऑपरेशनल और सामरिक तौर पर काफी कमियां थीं, जिन्हें ठीक करने के लिए तुरंत एक्शन की जरूरत थी. क्योंकि अगस्त के बाद से ही ये तय हो गया था कि यहां पर जवानों को लंबे वक्त तक रुकना पड़ सकता है. 

लेकिन इन कमियों के उजागर होने और रिपोर्ट जमा होने के बाद से ही सेना और सरकार की साझेदारी से इन कमियों को दूर कर लिया गया. हालांकि, ये भी तथ्य है कि चार महीनों तक इन कमियों का पता ना लगाया जा सका और अंत में इंटेलिजेंस एजेंसी के तेजी भरे एक्शन के बाद इन्हें दूर किया गया.

इस रिपोर्ट में जिन कमियों का जिक्र किया गया है, उनमें लद्दाख सीमा पर कई भारतीय पोस्ट का चीनी पोस्ट के मुकाबले कमजोर स्थिति में होना. हालांकि, ये सभी कमियां अस्थाई थीं लेकिन काफी गंभीर थीं. सूत्रों की मानें तो इनका कुछ संबंध सैनिकों के वहां पर रुकने और रहने से जुड़ा था.

लेकिन जब इन कमियों को दूर करने पर एक्शन लिया गया तो उसका फायदा हुआ और सेना ने आसानी से बॉर्डर के पास अपनी स्थिति को मजबूत किया. सेना ने अब इतनी तैनाती की है जो चीन को टक्कर दे सके, साथ ही इन तैयारियों के कारण ही अबतक बॉर्डर पर किसी तरह की बड़ी मेडिकल दिक्कत नहीं आई है. 

गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच का तनाव अभी भी लंबा खिंच सकता है और सर्दियों के बाद तक जारी रह सकता है. ऐसे में इस तरह की कमियों को दूर करना जरूरी था, इनके अलावा रिपोर्ट्स में जो बातें आई हैं सरकार और सेना उनपर मंथन और एक्शन ले रही है.

भारत और चीन के बीच अगले राउंड की बातचीत 12 अक्टूबर को चुशूल-मोल्डो इलाके में होनी है. ये लेह कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह की अगुवाई में होने वाली आखिरी बैठक होगी. उसके बाद ये जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट जनरल PGK मेनन की होगी. 

 

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