भारत-पाकिस्तान सीमा पर लगातार देखी जा रही ड्रोन गतिविधियों को लेकर खुफिया एजेंसियों ने बड़ा अलर्ट जारी किया है. एजेंसियों ने चेतावनी दी है और गणतंत्र दिवस परेड को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर हैं. अलर्ट के बाद 26 जनवरी की परेड के दौरान सुरक्षा का अभेद चक्र रहेगा.
इसके अलावा 26 जनवरी से पहले 23 जनवरी को होने वाली फुल ड्रेस रिहर्सल परेड को देखते हुए भी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, 26 जनवरी से पहले भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं.
स्टाफ के लोगों को गुमराह कर सकते हैं आतंकी
हाल के दिनों में भारतीय सुरक्षा बलों ने कई पाकिस्तानी ड्रोन को इंटरसेप्ट भी किया है. एजेंसियों का कहना है कि जैसे-जैसे सुरक्षा मजबूत हो रही है, वैसे-वैसे आतंकी हमले के नए और ज्यादा खतरनाक तरीके अपना सकते हैं. आतंकियों की ओर से नकली पास, फर्जी पहचान पत्र और सर्विस यूनिफॉर्म के जरिए सुरक्षित इलाकों में घुसपैठ की कोशिश की आशंका जताई गई है.

कार्यक्रम स्थलों से जुड़े स्टाफ या अंदर तक पहुंच रखने वाले लोगों को गुमराह किए जाने का खतरा भी बताया गया है. एजेंसियों ने यह भी चेतावनी दी है कि अब आम इस्तेमाल की चीजों में आईईडी छिपाई जा सकती है, जैसे टिफिन बॉक्स, टॉर्च, कैमरा, खिलौने, परफ्यूम की बोतलें और लाउडस्पीकर.
ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद पहुंचाए जाने की आशंका
ऑनलाइन जानकारी आसानी से उपलब्ध होने के कारण आईईडी बनाना और प्लांट करना पहले से आसान हो गया है, जिससे खतरा और बढ़ गया है. ड्रोन को लेकर भी गंभीर चेतावनी जारी की गई है. ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक पहुंचाए जाने की आशंका जताई गई है.
देश के कई हिस्सों, खासतौर पर पंजाब, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में अनधिकृत ड्रोन उड़ने की रिपोर्ट सामने आई है. ड्रोन के अलावा पैराग्लाइडर और हैंग-ग्लाइडर जैसे उड़ने वाले साधनों से भी खतरे की आशंका जताई गई है. इन सभी हवाई खतरों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने के निर्देश दिए हैं.