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LAC पर तनाव जारी, भारत-चीन के बीच आज फिर होगी कोर-कमांडर स्तर की बातचीत

सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान भारत की तरफ से चीन को टाइमलाइन के मुताबिक सभी टकराव वाले इलाकों से हथियारों का डिवीजन पीछे हटाने के लिए कहा जाएगा.

भारत-चीन के बीच फिर होगी बातचीत (फाइल फोटो) भारत-चीन के बीच फिर होगी बातचीत (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत-चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की बातचीत
  • सोमवार सुबह 11 बजे के करीब चीनी क्षेत्र में बैठक
  • मेजर जनरल पद्म शेखावत करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) पर तनाव के बीच सोमवार को एक बार फिर से भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की बातचीत शुरू होगी. इस बार यह बैठक चीन वाले हिस्से में होगी. सुबह 11 बजे के करीब शुरू होने वाली इस बैठक में नए चेहरे भी शामिल हो सकते हैं. भारतीय सेना के प्रतिनिधि के तौर पर मेजर जनरल पद्म शेखावत और चीनी सेना के अधिकारी मेजर जनरल लिन लियू के बीच यह बातचीत होगी. हालांकि ऐसी संभावना जताई रही है कि बैठक के दौरान विदेश मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी भी शामिल हो सकते हैं.  

सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान भारत की तरफ से चीन को टाइमलाइन के मुताबिक सभी टकराव वाले इलाकों से हथियारों का डिवीजन पीछे हटाने के लिए जाएगा. इसके साथ ही देपसांग से लेकर पैंगोंग के बीच चीनी सैनिकों की तैनाती हटाने को कहा जाएगा. भारतीय सेना को सभी पेट्रोल प्वाइंट पर बिना किसी बाधा के एक्सेस देने की बात कही जाएगी. मॉस्को में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच तय किए गए पांच सहमति के बिंदुओं का कड़ाई से पालन करने की मांग की जाएगी. अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए वहां पर भारतीय सैनिकों की तैनाती की बात होगी . 

एलएसी पर सेना की तैनाती और तादाद को लेकर प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने को कहा जाएगा. वहां पर सिर्फ डिसएंगेजमेंट नहीं बल्कि डीइंडक्शन के लिए भी कहा जाएगा.  

बता दें, भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर तनाव की स्थिति बरकरार है. सितंबर महीने की शुरुआत में भी ब्रिगेड कमांडर लेवल की चर्चा हुई थी, लेकिन इसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. इस बीच पूर्वी लद्दाख में चीन सीमा पर भारतीय सेना ने पिछले 20 दिनों में बड़ी कामयाबी हासिल की है. भारतीय सेना ने पिछले 20 दिनों में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के मंसूबों पर पानी फेरते हुए चीन की सीमा पर छह नई पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया है. भारतीय सेना पर हावी होने के वास्ते चीनी सेना इन पहाड़ियों पर कब्जा करना चाहती थी. 

सूत्रों ने बताया कि भारतीय और चीनी सेना के बीच LAC के साथ ऊंचाइयों पर कब्जा करने के लिए संघर्ष 29 अगस्त के बाद शुरू हुआ, जब चीनी ने पैंगोंग झील के दक्षिणी तट के पास थाकुंग क्षेत्र के दक्षिण में ऊंचाइयों पर कब्जा करने की कोशिश की.

बता दें कि चीनी आक्रामकता के बाद भारतीय सुरक्षा बल बहुत समन्वय के साथ काम कर रहे हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नणवाने की निगरानी में सैन्य ऑपरेशन किए जा रहे हैं.

 

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