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दिल्ली के IGI एयरपोर्ट को मिलेगा देश का पहला एलिवेटेड टैक्सी-वे, वक्त और कीमत दोनों की होगी बचत

दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर 13 जुलाई को पहले एलिवेटेड क्रॉस टैक्सीवे की शुरुआत होने जा रही है. इसके साथ ही हवाई अड्डे पर चौथे रनवे का उद्घाटन भी किया जाना है. उड़ान भरने से पहले और लैंडिंग के बाद यात्रियों के इस समय में खास बचत होगी. टैक्सीवे की केंद्रीय संरचना काफी मजबूत है. इसमें 590 गर्डर शामिल हैं. हर एक का वजन 90 मीट्रिक टन है .

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13 जुलाई को IGI को मिली सौगातों की होगी घोषणा (फाइल फोटो)
13 जुलाई को IGI को मिली सौगातों की होगी घोषणा (फाइल फोटो)

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे 13 जुलाई को पहले एलिवेटेड क्रॉस टैक्सीवे की शुरुआत होने जा रही है. इसके साथ ही हवाई अड्डे पर चौथे रनवे का उद्घाटन भी किया जाना है. 2.1 किलोमीटर लंबे डुअल लेन एलिवेटेड क्रॉस टैक्सीवे और इसके नीचे से गुजरने वाली सड़कों का उद्घाटन केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया करेंगे.

अब कम हो जाएगा यात्रियों को वेटिंग टाइम
उद्घाटन के बाद टैक्सीवे प्लेन में बैठे यात्रियों के वेटिंग टाइम को 20-25 मिनट से घटाकर 10-12 मिनट कर देगा. उड़ान भरने से पहले और लैंडिंग के बाद यात्रियों के इस समय में खास बचत होगी. क्योंकि यह उत्तरी और दक्षिणी हवाई क्षेत्रों को जोड़ेगा और विमान के लिए टैक्सी की दूरी 9 किमी से कम करके सिर्फ 2.1 किमी ही कर देगा.

आईजीआई हवाई अड्डे का संचालन करने वाले जीएमआर के उप प्रबंध निदेशक आईपी राव के अनुसार, ''ईसीटी लैंडिंग के बाद और टेक-ऑफ से पहले यात्रियों द्वारा टरमैक पर बिताए गए समय को कम करके यात्री अनुभव को बढ़ाने में मदद करेगा.'' दोहरी लेन टैक्सीवे को बड़े विमानों को संभालने में सक्षम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. यहां  A380, B777, और B747 जैसे वाइड-बॉडी जेट, ईस्टर्न क्रॉस टैक्सीवे में दो 44 मीटर चौड़ी लेन होंगी और उनके बीच 47 मीटर का अंतर होगा ताकि दो बड़े विमानों को सुरक्षित और एक साथ गुजरने की अनुमति मिल सके.

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काफी मजबूत है टैक्सीवे की संरचना
जीएमआर के अनुसार टैक्सीवे की केंद्रीय संरचना काफी मजबूत है. इसमें 590 गर्डर शामिल हैं. हर एक का वजन 90 मीट्रिक टन है . टीएनटी / आरडीएक्स के विस्फोट के बाद भी सड़कों को कोई नुकसान नहीं होने वाला है. भूकंपीय क्षेत्र जोन-4 को भी ध्यान में रखते हुए इसे बनाया गया है. 

ईसीटी से पर्यावरणी को भी होगा लाभ
टरमैक पर विमानों की यात्रा में कमी से उनकी ईंधन खपत में काफी कमी आएगी, यह अनुमान लगाया गया है कि हर बार जब विमान टैक्सी करेगा तो लगभग 350 किलोग्राम ईंधन की बचत होगी. ईसीटी के माध्यम से आरडब्ल्यूवाई 29आर से टर्मिनल 1 तक और इसके विपरीत, इस मार्ग पर उड़ान भरने वाले प्रत्येक विमान के लिए लगभग 1,114 किलोग्राम CO2 उत्सर्जन में कमी आएगी. वार्षिक आधार पर, ईसीटी से विमान से लगभग 55,000 टन CO2 उत्सर्जन कम होने का अनुमान है. इसके अतिरिक्त, डायल भराई सामग्री में कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों के अपशिष्ट उत्पाद, फ्लाई ऐश का उपयोग करके ईसीटी के निर्माण में पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण का भी पालन कर रहा है.

रिपोर्टः अक्षय

 

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