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डिजिटल जासूसी से बचना है तो इनक्रिप्टेड मेल का ही करें इस्तेमाल

साइबर क्राइम इंवेस्टीगेशन एक्सपर्ट अमित मलहोत्रा का दावा है कि टिक-टॉक, पब जी और दूसरे चीनी ऐप के सहारे 20 लाख से ऊपर का डेटाबेस चोरी हो चुका है. डार्क वेब के हवाले से अमित का कहना है टिक-टॉक, पब जी के सहारे ई-मेल आईडी और पासवर्ड चोरी हो चुका है.

साइबर अटैक से बचने के लिए होना पड़ेगा सावधान साइबर अटैक से बचने के लिए होना पड़ेगा सावधान
स्टोरी हाइलाइट्स
  • संसद में भी उठा डिजिटल जासूसी का मुद्दा
  • डेटा जासूसी को लेकर बनी एक्सपर्ट कमेटी
  • 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी कमेटी

कांग्रेस ने भरी संसद में डिजिटल जासूसी का मुद्दा उठाया. कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने आईटी मिनस्टर रवि शंकर प्रसाद से कहा कि चीन की डिजिटल जासूसी से निबटने के लिए मजबूत व्यवस्था बानाई जाए. वहीं कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने शून्य काल में डिजिटल जासूसी का मुद्दा उठाते हुए कोरोना, लद्दाख में फिजिकल अग्रेशन के लिए चीन को कोसा. 

वहीं दूसरी ओर चीन के शेनज़ेन में मौजूद 'ज़ेन्हुआ' कंपनी पर करीब 10 हजार भारतीय नागरिकों के डेटा की जासूसी के गंभीर आरोप लगने के बाद एक्सपर्ट कमेटी भी बना दी गई है जो 30 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी. वहीं साइबर मामलों के विशेषज्ञ नीरज अरोड़ा का साफ कहना है कि डेटा जो हमारे लिए गोल्ड है उसकी सुरक्षा के लिए पुख्ता कानून बनाया जाए.

नीरज का साफ तौर पर कहना है कि बेशकीमती डेटा की डिजिटल जासूसी तीन तरह से होती है. इंटरनेट के माध्यम से पब्लिक डोमेन में मौजूद डेटा, लोगों के मोबाइल और कंप्यूटर से अलग-अलग ऐप से गलत तरीके से चुराया हुआ डेटा और तीसरा बड़ी कंपनियों के डेटाबेस को चोरी कर लेना.

नीरज के मुताबिक डेटा माइनिंग से ना केवल व्यक्ति की हर मूवमेंट, उसकी प्राथमिकता से उसकी सोच तक पहुंचा जाता है. जिसे किसी भी मार्केटिंग, इलेक्शन के उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जाता है. कई देश अपने को पावरफुल दिखाने के लिए डेटा चोरी करते हैं. ऐसे में देश में पर्सनल डेटा की सुरक्षा के लिए एक मजबूत बिल की जरूरत है.  

वहीं साइबर क्राइम इंवेस्टीगेशन एक्सपर्ट अमित मलहोत्रा का दावा है कि टिक-टॉक, पब जी और दूसरे चीनी ऐप के सहारे 20 लाख से ऊपर का डेटाबेस चोरी हो चुका है. डार्क वेब के हवाले से अमित का कहना है टिक-टॉक, पब जी के सहारे ई-मेल आईडी और पासवर्ड चोरी हो चुका है. फिशिंग अटैक के जरिए साइबर हमला भी बोला जा सकता है.

डिजिटल जासूसी से कैसे बचें

अनजानी मेल उससे जुड़ा कोई अटैचमेंट या लिंक ना खोलें. यूआरएल को सीधे तौर पर देखें कि वो ठीक है या नहीं. इनक्रिप्टेड मेल ही भेजें और लिखें. संदेहास्पद मेल को तुरंत ब्लॉक कर दें. आपके पास अगर फ्री कोविड-19 टेस्टिंग का मेल आ रहा है तो ऐसे में आप हैक हो सकते हैं. 

cert-in यानि (computer emergency response team) जो कि Ministry of Electronics and Information Technology का दफ्तर है, ने चाइनीज एप की बंदी के बाद से ही साइबर स्पेस में खतरा बढ़ने के बाबत एडवाइजरी भी जारी की है.

 

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