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घरों में छापेमारी करते हैं तालिबानी, छीन लेते हैं पैसे, जेवर...काबुल से लौटे लोगों की आपबीती

अपने माता-पिता की गोद में बच्चे, व्हीलचेयर पर बूढ़े और छोटे बच्चे आखिरकार 24 घंटे तक मुश्किल हालातों से जूझते हुए भारत पहुंच गए. इंडियन एयरफोर्स का जंबो ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C17 ग्लोबमास्टर ने रविवार सुबह को दिल्ली के नजदीक हिंडन एयरबेस पर टचडाउन किया.

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अफगानिस्तान से आया वायु सेना का विमान अफगानिस्तान से आया वायु सेना का विमान
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तालिबान के कब्जे के बाद बहुत बदल गए हालात
  • अफगानिस्तान से जान बचाकर कई लोग भारत आए
  • हिंडन एयरबेस पर उतरा भारतीय वायु सेना का विमान

अपने माता-पिता की गोद में बच्चे, व्हीलचेयर पर बूढ़े और अन्य छोटे बच्चे आखिरकार 24 घंटे तक मुश्किल हालातों से जूझते हुए भारत पहुंच गए. इंडियन एयरफोर्स का जंबो ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C17 ग्लोबमास्टर ने रविवार सुबह को दिल्ली के नजदीक हिंडन एयरबेस पर टचडाउन किया. इस विमान में अफगानिस्तान से भारत आए 168 यात्री सवार थे, जिसमें न सिर्फ भारतीय नागरिक थे, बल्कि अफगानिस्तान के भी थे. रविवार तड़के सुरक्षित निकाले जाने से पहले इनमें से कई अफगानिस्तान में लंबे समय तक फंसे रहे और तालिबान ने पूछताछ भी की. भारतीय दूतावास के लिए काम करने वाले एक अफगान नागरिक ने कहा कि उन्होंने काबुल में भारतीय वायु सेना के विमान पर चढ़ने से पहले वहां मौजूद अराजकता को अपनी आंखों से देखा. 

उन्होंने वहां के मंजर को बयां करते हुए कहा कि तालिबान के लड़ाके हमें एक सिक्योरिटी स्टेशन में ले गए. वह एक तरह का पुलिस थाना था. इसमें उन्होंने हमारा नाम दर्ज किया. उन्होंने यह भी पूछा कि हम भारतीय हैं या फिर अफगान. वह यह नहीं चाहते थे कि अफगान नागरिक देश छोड़कर बाहर जाएं. वे कहते हैं कि चीजें ठीक हैं, लेकिन हम वास्तविकता जानते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ स्पष्टीकरण और बातचीत के बाद हमें जाने दिया गया. तालिबान की बर्बरता के बारे में बता रहे शख्स ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर यह जानकारी दी, क्योंकि अब भी उसका परिवार अफगानिस्तान में रह रहा है.

'अच्छी कारें हैं तो उसे भी छीन लेंगे'

एक दिन पहले ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई थीं कि तालिबान ने काबुल से 150 लोगों का अपहरण कर लिया है, जिसमें ज्यादादर लोग भारतीय हैं, लेकिन बाद में कट्टर संगठन ने ऐसी रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया और झूठा बताया. भारतीय दूतावास के वर्कर ने कहा, ''हजारों की संख्या में लोग एयरपोर्ट के बाहर हैं. हालात नाजुक बने हुए हैं. लोग चलते समय असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, खासकर वे लोग जिन्होंने सरकार के साथ काम किया है.'' जमीनी स्थिति के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, ''अगर आपके पास अच्छी कार है तो वह (तालिबानी लड़ाके) उसे छीन लेंगे. अगर आपने अच्छी स्थिति में काम किया है या सरकारी कर्मचारी रहे हैं तो एक बड़ी समस्या है.''

एयरफोर्स के विमान से आए लोग
एयरफोर्स के विमान से आए लोग

'लोगों से छीन लेते हैं पैसे-जेवर'

उन्होंने बताया कि कई बाहरी लोग घुसपैठ कर चुके हैं. वे हमेशा सिविल कपड़ों में होते हैं, उनके पास यूनिफॉर्म या कुछ भी नहीं होता है. तालिबान के नाम पर घरों में छापेमारी करते हैं, जेवर, पैसे छीन लेते हैं. 168 में से 50 से अधिक लोग अफगानिस्तान के नागरिक हैं, जोकि काबुल से भारत आए हैं. रविवार को कुल मिलाकर 300 से अधिक लोगों को लाया गया है. वायु सेना के विमानों के अलावा ताजिकिस्तान और दोहा से भी कमर्शियल उड़ानें थीं, जहां कई भारतीयों को पहले काबुल से ले जाया गया था. वायुसेना की फ्लाइट में जो ग्रुप आया है, उसमें अफगानिस्तान के दो सिख सांसद भी मौजूद थे, जिन्हें निकाला गया. अफगान सांसद नरेंद्र सिंह खालसा ने वहां की स्थिति के बारे में बताते हुए अपने आंसू नहीं रोक सके. उन्होंने कहा कि वह हमारे घर आए और सब कुछ ले गए, यह एक गंभीर स्थिति है. उन्होंने कहा कि 20 सालों तक जो कुछ भी वहां बनाया है, वह अब सब खत्म होकर जीरो हो गया है.

 

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