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भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत, तीन और राफेल आएंगे भारत; जामनगर में करेंगे लैंड

भारत में 29 राफेल शामिल होने के बाद उत्तरी और पूर्वी सीमा पर बड़ी तादाद में लड़ाकू विमान तैनात हो सकेंगे. राफेल को तिब्बत के स्वायत्त क्षेत्र में दुश्मन के वायु रक्षा तंत्र को हराने और लक्ष्य पर हमला करने में सक्षम पहला y विमान माना जाता है.

राफेल (फाइल फोटो) राफेल (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत में अब तक 26 राफेल आ चुके
  • अगले साल मिलेगा आखिरी राफेल
  • भारत ने 2016 में फ्रांस से 36 राफेल की डील की थी

भारतीय वायुसेना की ताकत में और इजाफा होने जा रहा है. दरअसल, तीन भारत आ रहे हैं. ये राफेल फ्रांस के एयरबेस से गुजरात के जामनगर में लैंड करेंगे. भारत में अब तक 26 राफेल आ चुके हैं. ये तीन राफेल आने के बाद भारत के बेड़े में 29 राफेल आ जाएंगे. 

बताया जा रहा है कि भारत में 29 राफेल शामिल होने के बाद उत्तरी और पूर्वी सीमा पर बड़ी तादाद में लड़ाकू विमान तैनात हो सकेंगे. राफेल को तिब्बत के स्वायत्त क्षेत्र में दुश्मन के वायु रक्षा तंत्र को हराने और लक्ष्य पर हमला करने में सक्षम पहला y विमान माना जाता है. 

भारतीय वायु सेना ने इस साल 28 जुलाई को पूर्वी वायु कमान (ईएसी) में वायु सेना स्टेशन हासीमारा में औपचारिक रूप से राफेल विमान को नंबर 101 स्क्वाड्रन में शामिल किया था. 101 स्क्वाड्रन वायुसेना की दूसरी स्क्वाड्रन है, जिसमें राफेल की तैनाती की गई है. 

2016 में हुई थी डील
सितंबर 2016 में भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल की डील हुई थी. भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में हुए विवाद के बाद से भारत में तेजी से राफेल की आपूर्ति की गई है. ये राफेल देश की सीमा पर वायुसेना को मजबूती देने के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं. भारत में आखिरी राफेल अगले साल आएगा और इन सभी विमानों के बेड़े में सबसे अधिक सक्षम होगा. 

 

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