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ओडिशा: भारी बारिश ने पुरी में 87 साल का तो भुवनेश्वर में 63 साल का रिकॉर्ड तोड़ा

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने ओडिशा के लिए सितंबर महीने में औसतन बारिश होने की संभावना जताई है. हालांकि, 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के डिप्रेशन में तब्दील होने के कारण प्रदेश में बहुत भारी बारिश (Heavy Rainfall) रिकॉर्ड की गई है.

Odisha Rain Record Latest Updates Odisha Rain Record Latest Updates
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ओडिशा में कई जिलों में भारी बारिश
  • बारिश ने तोड़ा कई साल का रिकॉर्ड

Odisha Rains Record: मॉनसून के दौरान बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन बनने से तटीय राज्य ओडिशा में रिकॉर्ड तोड़ बारिश (Record Rain) हुई है. ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त के. कमिश्नर प्रदीप जेना ने कहा कि  दो दिन की झमाझम बारिश से प्रदेश के कई जिलों में जलजमाव के साथ बाढ़ की स्थिति बन गई है. सैलाब वाले इलाकों से लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

दो दिन में औसतन 155 मिमी बारिश 
जेना ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के लिए सितंबर महीने में औसतन बारिश होने की संभावना जताई है. हालांकि, 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के डिप्रेशन में तब्दील होने के कारण प्रदेश में बहुत भारी बारिश (Heavy Rainfall) रिकॉर्ड की गई है. राज्य में दो दिन की औसतन बारिश 155 मिमी है. 

डीप डिप्रेशन के कारण दो ब्लॉक में 530 मीलिमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई. साथ ही प्रदेश के तीन ब्लॉक में 520 मीलीमीटर से अधिक बारिश हुई है. 20 ब्लॉक में 400-500 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई तो वहीं 47 ब्लॉक में 300-400 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है.

भुवनेश्वर और पुरी में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
आजतक से बातचीत में भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने बताया कि डीप डिप्रेशन के कारण हुई भारी बारिश ने राजधानी भुवनेश्वर और पुरी जिले में वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. 13 सितंबर को भुवनेश्वर शहर में केवल 24 घंटों में 199.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इससे पहले भुवनेश्वर में सर्वाधिक बारिश 9 सितबंर 1958 को 163 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी. दो दिन की भारी बारिश से पुरी जिले में 87 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है. मौसम विभाग ने 13 सितंबर को पुरी में 342.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की है. इससे पहले पुरी में 20 सितंबर 1934 को सर्वाधिक 210.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई थी.

किसानों की फसलों को नुकसान 
जेना ने बताया कि भारी बारिश के कारण कृषि के क्षेत्र में किसानों को काफी नुकसान हुआ है. किसानों के फसल की बर्बादी का तीन-चार दिनों के भीतर आंकलन किया जाएगा. साथ ही भारी बारिश के कारण गिरे घरों का भी आंकलन किया जाएगा. 
बता दें कि भारी बारिश ने राज्य की राजधानी भुवनेश्वर से लेकर दूर-दराज के इलाके में भी लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है.

विशेष राहत आयुक्त प्रदीप जेना ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि ओडिशा में मॉनसून सीजन के जून, जुलाई और अगस्त के महीनों में स्वाभाविक से कम बारिश दर्ज की गई थी. इस दौरान राज्य के कई जिलों में सूखे की स्थिति उत्पन होने से किसानों में चिंता बढ़ गई थी.


 

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