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मथुरा जन्मभूमि मामले में मुस्लिम पक्ष को मिलेगी राहत? सुप्रीम कोर्ट में अब 4 नवंबर को सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दाखिल हिन्दू पक्ष की 18 याचिकाओं को निचली अदालत से हाई कोर्ट मे मंगाए जाने के आदेश के बाद हाईकोर्ट द्वारा सुनवाई योग्य करार दिए जाने के फैसले को मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस मामले को सुनवाई योग्य मामले के सिंगल बेंच के फैसले पर रोक लगाने की मांग सुप्रीम कोर्ट से की है.

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मथुरा जन्मभूमि मामले में 4 नवंबर को सुनवाई होगी (File Photo/ANI)
मथुरा जन्मभूमि मामले में 4 नवंबर को सुनवाई होगी (File Photo/ANI)

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद के भूमि विवाद में मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई भी आदेश जारी करने से इनकार कर दिया है. जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सिंगल फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 4 नवंबर को इस मामले से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई के साथ करेगा.

हालांकि कोर्ट ने कहा कि क्योंकि यह इंट्रा कोर्ट अपील है, इस वजह से मुस्लिम पक्ष अगली सुनवाई से पहले यह तय कर लें कि क्या सिंगल बेंच के फैसले को वह डिवीजन बेंच में चुनौती देगा या फिर सुप्रीम कोर्ट में वह इस मामले में अपील कर बहस करना चाहेंगे.

दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दाखिल हिन्दू पक्ष की 18 याचिकाओं को निचली अदालत से हाई कोर्ट मे मंगाए जाने के आदेश के बाद हाईकोर्ट द्वारा सुनवाई योग्य करार दिए जाने के फैसले को मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस मामले को सुनवाई योग्य मामले के सिंगल बेंच के फैसले पर रोक लगाने की मांग सुप्रीम कोर्ट से की है.

श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद क्या है? 

बता दें कि मथुरा का विवाद भी कुछ-कुछ अयोध्या की तरह ही है. हिंदुओं का दावा है कि मथुरा में औरंगजेब ने मंदिर तुड़वाकर वहां मस्जिद बनवाई थी. औरंगजेब ने 1670 में मथुरा में भगवा केशवदेव का मंदिर तोड़ने का फरमान जारी किया था. इसके बाद शाही ईदगाह मस्जिद बना दी गई. मथुरा का ये विवाद कुल 13.37 एकड़ जमीन पर मालिकाना हक से जुड़ा है.

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श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पास 10.9 एकड़ जमीन का मालिकाना हक है जबकि ढाई एकड़ जमीन का मालिकाना हक शाही ईदगाह मस्जिद के पास है. हिंदू पक्ष शाही ईदगाह मस्जिद को अवैध तरीके से कब्जा करके बनाया गया ढांचा बताता है और इस जमीन पर भी दावा किया गया है. हिंदू पक्ष की ओर से शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने और ये जमीन भी श्रीकृष्ण जन्मस्थान को देने की मांग की गई है.

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