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चाहते तो हम आसमान हैं, महबूबा और हमारा एजेंडा अलग: फारूक अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती के उस बयान से पल्ला झाड़ लिया है, जिसमें महबूबा ने पाकिस्तान से बात करने की बात कही थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली मीटिंग से पहले फारूक अब्दुल्ला ने ये बयान दिया.

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फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती के बयान से पल्ला झाड़ा फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती के बयान से पल्ला झाड़ा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पीएम मोदी के साथ मीटिंग से पहले फारूक का बयान
  • पीएम से खुलकर बात करेंगे, शांति लाने की कोशिश: फारूक

जम्मू-कश्मीर के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आज नई दिल्ली में बैठक होनी है. इस मीटिंग में जम्मू-कश्मीर के दर्जनभर नेता शामिल होंगे. पीएम मोदी के साथ होने वाली मीटिंग में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने बड़ा बयान दिया. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हम अपनी बात प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सामने रखेंगे. 

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मीटिंग को लेकर कोई एजेंडा नहीं है, हम अपनी बात रखेंगे और पीएम-गृह मंत्री से बात करेंगे, ताकि रियासत में शांति आए. फारूक ने कहा कि हमारे चाहने का सवाल नहीं है, चाहते तो हम आसमान हैं. पहले हम पीएम मोदी से बात करेंगे, बाद में मीडिया से बात करेंगे.

महबूबा मुफ्ती के बयान से झाड़ा पल्ला
महबूबा मुफ्ती द्वारा दिए गए पाकिस्तान से बातचीत के बयान पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वो उनका एजेंडा है, हम अलग-अलग पार्टी हैं ऐसे में ये उनकी बात है. हालांकि, पीएम मोदी द्वारा बुलाई गई इस मीटिंग का फारूक अब्दुल्ला ने स्वागत किया, साथ ही उन्होंने कहा कि वो अपने वतन की बात करते हैं और मैं पाकिस्तान वगैरह की बात नहीं करता. 

बता दें कि गुपकार ग्रुप की मीटिंग के बाद महबूबा मुफ्ती ने बयान दिया था कि सरकार को जम्मू-कश्मीर के मसले पर हर किसी से बात करनी चाहिए, पाकिस्तान से भी बात करनी चाहिए. महबूबा मुफ्ती के इसी बयान पर काफी विवाद हुआ था, गुरुवार को जम्मू में भी उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया.

हालांकि, बुधवार को जब महबूबा मुफ्ती नई दिल्ली आ रही थीं तब उन्होंने साफ कहा कि वह खुले दिल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली मीटिंग में शामिल हो रही हैं, ऐसे में कोई तय एजेंडा नहीं है. 

गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद केंद्र सरकार की ओर से पहली बार जम्मू-कश्मीर को लेकर ऐसी बड़ी राजनीतिक मीटिंग बुलाई गई है. 

 


 

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