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'दिल्ली बॉर्डर छोड़ने का कोई प्लान नहीं, MSP कानून बनाना ही होगा', राकेश टिकैत की हुंकार

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि हम पीएम मोदी से अपील करना चाहते हैं कि एमएसपी हमेशा से हमारा मुद्दा रहा है.  ऐसे में अभी हमारा दिल्ली बॉर्डर छोड़ने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने कहा कि 27 नवंबर की बैठक में हम आगे की योजना बनाएंगे और 29 नवंबर को दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च का आयोजन करेंगे.

Rakesh Tikait Rakesh Tikait
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 29 नवंबर को किसानों का ट्रैक्टर मार्च
  • टिकैत बोले- दिल्ली बॉर्डर छोड़ने का कोई प्लान नहीं

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानून वापस लेने का ऐलान कर दिया है. हालांकि लंबे समय से इन कानूनों को विरोध कर रहे किसान अभी भी सरकार पर भरोसा नहीं कर पा रहे. इसको लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि हम पीएम मोदी से अपील करना चाहते हैं कि एमएसपी हमेशा से हमारा मुद्दा रहा है. ऐसे में अभी हमारा दिल्ली बॉर्डर छोड़ने का कोई इरादा नहीं है.

29 नवंबर को ट्रैक्टर मार्च

टिकैट ने आगे कहा कि 27 नवंबर की बैठक में हम आगे की योजना बनाएंगे और 29 नवंबर को दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च का आयोजन करेंगे. इस दौरान दिल्ली की हर सीमा पर 30 ट्रैक्टर तैनात होंगे.

'सरकार को एमएसपी पर बात करनी होगी'

टिकैत ने सीधे शब्दों में कहा कि केंद्र के साथ सभी 11 दौर की बैठकों मं हमने एमएसपी पर चर्चा की है और एमएसपी से किसानों को लाभ होगा. ऐसे में सरकार को एमएसपी कानून बनाना ही होगा. ऐसा होने तक हम पीछे नहीं हटने वाले. उन्होंने कहा कि हम उत्तर प्रदेश जाकर वहां के मतदाताओं को बीजेपी को हराने की अपील करेंगे. बेहतर होगा कि सरकार चुनाव से पहले ही इस मुद्दे को सुलझा ले.

पीएम मोदी ने किया था कानून वापसी का ऐलान

गौरतलब है लगभग एक साल से भी अधिक समय से हजारों की संख्या में किसान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार के साथ कई दौर की वार्ता के बाद भी मामला न सुलझने पर पीएम मोदी ने बीते सप्ताह देश के नाम संबोधन में साफ कर दिया कि वे तीनों कानूनों को वापस ले रहे हैं. हालांकि किसान अपनी प्रत्येक मांगों को लेकर सुनिश्चित हो लेने तक धरने से उठने को तैयार नहीं हैं.  

'कानूनों के संसद में रद्द होने का इंतजार'

टिकैत ने पहले ही कहा था कि उनका आंदोलन तब तक खत्म  नहीं होगा जबतक संसद में रद्द न कर दिया जाए. उन्होंने साफ कहा था कि सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)और अन्य मुद्दों पर किसानों के साथ बात करनी ही होगी.

 

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