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तस्करों के मंसूबे ध्वस्त, 10 लाख की भारतीय जाली मुद्रा BSF ने की जब्त

ये घटना रात 11.30 बजे की है जब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अंधेरा छाया हुआ था. भारत बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ का जवान अपनी चौकस निगाहों से ड्यूटी कर रहा था. मध्यरात्रि में तस्करों ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए 10 लाख की भारतीय जाली मुद्रा को तारबंदी के ऊपर से फेंकने का प्रयास किया.

10 लाख की भारतीय जाली मुद्रा बरामद 10 लाख की भारतीय जाली मुद्रा बरामद
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 10 लाख की भारतीय जाली मुद्रा बरामद
  • रात के अंधेरे का फायदा उठाते तस्कर
  • बीएसएफ जवानों की बढ़ी सक्रियता

अंतराष्ट्रीय सीमा पर तस्करों द्वारा जाली मुद्रा का आदान-प्रदान करना एक पुराना अपराध है जो लंबे समय से चल रहा है. कई बार सीमा पार से नकली नोट भारत में लाए जाते हैं. भारत-बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी तस्कर काफी सक्रिय रहते हैं और रात के अंधेरे में कई बार जाली मुद्रा को सीमा पार पहुंचाने का काम करते हैं. ताजा मामला शोभापुर सीमा चौकी का है जहां पर 10 जून को तस्करों द्वारा जाली मुद्रा को तारबंदी के ऊपर से फेंकने का प्रयास हुआ. लेकिन बीएसएफ की मुस्तैदी की वजह से उनके मंसबू कामयाब नहीं हुए और 10 लाख की भारतीय जाली मुद्रा बरामद कर ली गई.

10 लाख की भारतीय जाली मुद्रा बरामद

ये घटना रात 11.30 बजे की है जब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अंधेरा छाया हुआ था. भारत बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ का जवान अपनी चौकस निगाहों से ड्यूटी कर रहा था. मध्यरात्रि में तस्करों ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए 10 लाख की भारतीय जाली मुद्रा को तारबंदी के ऊपर से फेंकने का प्रयास किया. लेकिन सीमा पर तैनात जवान ने अपनी चौकन्नी निगाहों से तुरंत तस्करी की वारदात को पहचान लिया. जवान ने तस्कर को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन अंधेरे की वजह से वो भागने में कामयाब रहा. जब उस इलाके की अच्छे से तलाशी ली गई तब एक बैग मिला जिसमें 2000 रुपये  के जाली नोट के पांच बंडल मिले. कुल 10 लाख की जाली मुद्रा बरामद की गई.

रात के अंधेरे का फायदा उठाते तस्कर

इस बारे में कमांडिंग ऑफिसर विश्वबंधु ने बताया कि तस्कर हमेशा रात के अंधेरे का फायदा उठाने की फिराक में रहते हैं और मौका मिलते ही इस प्रकार की तस्करी को अंजाम देते हैं. लेकिन किसी भी प्रकार की तस्करी पर नकेल कसने के लिए हमने संवेदनशील इलाकों में रात्रि उपकरण को स्थापित कर रखा है. रात्रि में पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी गई है. ऐसे में किसी भी प्रकार की तस्करी कर पाना संभव नहीं है. 

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बीएसएफ जवानों की बढ़ी सक्रियता

वैसे भारत-बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर इससे पहले भी तस्करों ने जाली नोट को तारबंदी के ऊपर से फेंकने का प्रयास किया है. हर बार रात के अंधेरे में इसे अंजाम दिया जाता है. लेकिन पिछले कुछ समय से बीएसएफ जवानों की सक्रियता काफी ज्यादा बढ़ गई है जिस वजह से हर बार इन तस्करों के मंसूबे ध्वस्त होते दिख जाते हैं. 

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