इन दिनों सोशल मीडिया पर सेहत संबंधित तमाम वीडियो देखने को मिल जाएंगे. इनमें से कई ऐसे भी हैं, जिनमें लीवर डिटॉक्स करने के घरेलू नुस्खे बताए जाते हैं. अब ऐसे ही नुस्खों को लेकर विशेषज्ञों ने लोगों को अलर्ट रहने को कहा है और इन्हें ना अपनाने की सलाह दी है. विशेषज्ञों ने कहा कि लोगों को लीवर को डिटॉक्स करने के लिए सोशल मीडिया पर मिलने वाले नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और शॉर्टकट पर निर्भर रहने के बजाय शुरुआती निवारक जीवनशैली के उपाय अपनाने चाहिए.
पीटीआई के मुताबिक बुधवार को कोच्चि में 'लिवर फैक्ट्स एंड मिथ्स - ट्रांसफॉर्मिंग लिवर हेल्थ' विषय पर इंडियन नेशनल एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ द लिवर (INASL-2024) की 32वीं वार्षिक वैज्ञानिक बैठक में भाग लेते हुए लिवर रोग विशेषज्ञों ने लिवर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के तरीकों को रेखांकित करते हुए कई सेशल दिए.
विशेषज्ञों ने कहा कि शराब छोड़ना, सही वजन बनाए रखना, चीनी के सेवन को नियंत्रित करना, नियमित रूप से व्यायाम करना और संतुलित आहार अपनाना कुछ ऐसे उपाय हैं, जिनका पालन किया जाना चाहिए.
केरल आईएमए रिसर्च सेल के अध्यक्ष डॉ. राजीव जयदेवन ने कहा कि सोशल मीडिया पर लीवर को डिटॉक्स करने वाले बताए जा रहे घरेलू नुस्खों की कोई वैज्ञानिक वैधता नहीं है. आधुनिक समय में कई लोग डिटॉक्स शब्द का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि यह दिमाग को विषाक्त विचारों से मुक्त करने की प्राचीन मान्यता से जुड़ा है, लेकिन ऐसे शॉर्टकट के जरिए लीवर को साफ करना संभव नहीं है.
उन्होंने कहा, "लीवर खुद को साफ करने में पूरी तरह सक्षम है. लीवर को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों जैसे शराब के सेवन से बचना ज़्यादा ज़रूरी है. शरीर का सबसे बड़ा अंग होने के नाते, लीवर एक रसायन विज्ञान प्रयोगशाला की तरह काम करता है, जो पेट में प्रवेश करने वाले लाभकारी और हानिकारक पदार्थों को कुशलतापूर्वक अलग करता है."
आगे कहा गया कि प्रारंभिक अवस्था में लीवर की बीमारी में अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखते. सम्मेलन में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शराब के सेवन और खराब जीवनशैली के कारण फैटी लीवर की बीमारी के बढ़ते प्रचलन पर प्रकाश डाला और लोगों को शॉर्टकट पर निर्भर रहने के बजाय प्रारंभिक निवारक जीवनशैली उपाय अपनाने की सलाह दी.