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कोरोनाः वैक्सीनेशन के लिए राज्य कितने तैयार? स्वास्थ्य मंत्रियों ने बताया

सात राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों ने तैयारियों को लेकर तो बात की ही, साथ ही वैक्सीनेशन और रियल टाइम डेटा अपडेशन में आने वाली समस्याओं पर भी खुलकर चर्चा की.

राज्यों में पहुंचने लगी वैक्सीन राज्यों में पहुंचने लगी वैक्सीन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पंजाब और राजस्थान की मांग- खर्च उठाए केंद्र सरकार
  • गरीब तबके का भी हो मुफ्त वैक्सीनेशन- राजेश टोपे
  • अफवाहों पर बोले जय प्रताप सिंह, हर नागरिक जागरुक

कोरोना की महामारी के खिलाफ 16  जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू हो रहा है. इसके लिए वैक्सीन की खेप राज्यों में पहुंचने भी लगी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले देश के सभी मुख्यमंत्रियों से बात कर वैक्सीनेशन कैंपेन को लेकर चर्चा की. इसे लेकर आजतक से बात करते हुए सात राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों ने खुलकर चर्चा की. स्वास्थ्य मंत्रियों ने तैयारियों को लेकर चर्चा की ही, साथ ही वैक्सीनेशन और रियटाइम डेटा अपडेशन में आने वाली समस्याएं भी बताईं.

गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि हर जिले में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. दो-दो दफे ड्राई रन का सफल आयोजन किया गया. उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है और इनकी सूची में केंद्र सरकार को भेज दी गई है. नितिन पटेल ने कहा कि 20 हजार से अधिक वैक्सीनेशन सेंटर्स पर एक दिन में 100 लोगों के टीकाकरण का इंतजाम किया गया है.

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महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा, वैक्सीनेशन के लिए प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि हम हर दिन 50 हजार वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य निर्धारित करेंगे. हमारे पास कोई कमी नहीं है. सभी संसाधनों का इंतजाम कर लिया गया है.

टोपे ने कहा कि 8 लाख स्वास्थ्यकर्मियों ने को-विन एप पर रजिस्ट्रेशन कराया गया है. इसके लिए हमें 16 लाख डोज मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों के वैक्सीनेशन का खर्च केंद्र उठा रहा है. हमारी मांग है कि गरीब तबके के वैक्सीनेशन का खर्च भी केंद्र को उठाना चाहिए.

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जितना कठिन वैक्सीन बनाना है, वैक्सीनेशन कराना भी उससे कम चुनौतीपूर्ण नहीं. उन्होंने कहा कि हम इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं. वहीं, जय प्रताप सिंह ने अफवाह से लड़ने की तैयारियों के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि लोग जागरुक हैं. कोरोना के कारण बड़ी तादाद में लोगों की मौत हुई और अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई. उन्होंने कहा कि हर कोई खुद को सुरक्षित रखने के लिए वैक्सीनेशन का इच्छुक होगा.

यूपी के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत में राजनीतिक दल के लोगों को बोलने की बीमारी है. वैक्सीनेशन के लिए केंद्र की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुरूप पूरी तैयारियां कर ली गई हैं. छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि राज्य भी तैयार है. केंद्र से लगातार बात हो रही है.

रियल टाइम डेटा को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है. कई जगह ड्राई रन के दौरान भी कनेक्टिविटी टूट गई थी. इससे हमने केंद्र को अवगत करा दिया है. जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है, वहां डेटा मैनुअली अपडेट करने की अनुमति मांगी गई है. पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह संधु ने स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद पर हुए खर्च का हवाला देते हुए कहा कि वैक्सीनेशन का खर्च केंद्र सरकार को वहन करना चाहिए.

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने वित्तीय समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वैक्सीनेशन का पूरा खर्च केंद्र सरकार को वहन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब से कोरोना के खिलाफ लड़ाई चल रही है, हमारा रेवेन्यू 40 फीसदी रह गया है. राज्यों को जीएसटी का पैसा भी मिला नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में हर राज्य की प्रधानमंत्री से मांग है कि इसका खर्च केंद्र सरकार उठाए.

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