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Corona: देश के कई राज्यों में Omicron का कम्युनिटी स्प्रेड, बढ़ेंगे मामले, एक्सपर्ट्स चिंतित

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के किए एक अध्ययन में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की दर बताने वाली 'आर-वैल्यू' 14 जनवरी से 21 जनवरी के बीच और कम होकर 1.57 रह गई है. देश में संक्रमण की तीसरी लहर के आगामी पखवाड़े में चरम पर पहुंचने की संभावना है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 6 फरवरी तक पीक पर होगी कोरोना की लहर
  • कई शहरों में हो चुका है कम्युनिटी ट्रांसमिशन

कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर ज्यादातर लोगों में यह धारणा बन चुकी है कि अब इसके वैरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ लोग तो यह भी मानते हैं कि कोरोना अब खत्म हो चुका है. हालांकि यह गलत है, क्योंकि देश में प्रतिदिन 3 लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. आने वाले दिनों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना को लेकर नई चेतावनी जारी की है. डब्लूएचओ का कहना है कि कोरोना का ओमिक्रॉन आखिरी वैरिएंट नहीं है, BA.2 जैसे स्ट्रेन भविष्य में और भी देखने को मिलेंगे. भारत के लिए चिंता की बात यह है कि देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट अब कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्टेज में पहुंच गया है. इसका मतलब ये कि कोई भी व्यक्ति, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए बिना या संक्रमित जगह पर जाए बिना भी कोरोना पॉजिटिव हो जाएगा.

6 फरवरी तक पीक पर होगी कोरोना की लहर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास की स्टडी के मुताबिक, भारत में 6 फरवरी तक कोरोना वायरस पीक पर होगा. यानी अगले 2 हफ्ते  6 फरवरी तक कोरोना के केस सबसे ज्यादा होंगे. स्टडी में कहा गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की दर बताने वाली 'आर-वैल्यू' 14 जनवरी से 21 जनवरी के बीच और कम होकर 1.57 रह गई है. 'आर-वैल्यू' बताती है कि एक व्यक्ति कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है. यदि यह दर एक से नीचे चली जाती है तो यह माना जाता है कि वैश्विक महामारी समाप्त हो गई है.
    
टेस्ट के जरिए सब वैरिएंट्स को पकड़ना मुश्किल

वहीं इस मामले में बनारस हिंदू विश्व विद्यालय के वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर सुनीत के सिंह का कहना है कि कोरोना के नए वैरिएंट्स चिंता का विषय है. ओमिक्रॉन के जो नए सब वैरिएंट सामने आए हैं. उन्हें टेस्ट के जरिए पकड़ना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि कोरोना के सब वैरिएंट्स का पता जीनोम सिक्वेंसिंग के माध्यम से लगाया जा सकता है, लेकिन जब तक जिनोम सीक्वेंसिंग के नतीजे आते हैं. तब तक यह काफी लोगों को संक्रमित कर चुका होता है यानी संक्रमण की स्पीड बहुत ज्यादा हो चुकी होती है,

पिछले सप्ताह 150% तक संक्रमण मामलों में इजाफा

कोरोना का पीक भले ही बहुत से लोगों के लिए चिंता की बात ना हो, लेकिन वायरस में लगातार हो रहे म्यूटेशन से वैरिएंट कितना खतरनाक हो सकता है, विश्व स्वास्थ्य संगठन इसको लेकर चिंतित है. (WHO) ने कहा है कि भारत में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के कारण ही दक्षिण-पूर्व एशिया में संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है. स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह के भीतर भारत में कोविड मामलों की संख्या में 150 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. यहां 23 जनवरी को समाप्त हुए सप्ताह में कोरोना के 15,94,160 नए मामले दर्ज किए गए थे, जबकि पिछले सप्ताह यह आंकड़ा 6,38,872 था.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की संस्था 'इंसाकोग' ने साफ कहा है कि दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में कम्युनिटी स्प्रेड हो चुका है और देश के कई शहरों में ओमिक्रॉन के केस और बढ़ने वाले हैं.

भारत में कोरोना के 3 लाख से ज्यादा मामले

भारत में रविवार को संक्रमण के 3,33,533 नए मामले सामने आने के बाद, संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3,92,37,264 हो गई. तीसरी लहर का मुख्य कारण कोविड-19 के ओमिक्रॉन वैरिएंट को माना जा रहा है.

 

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